6 जूलाई 2022
दर में वृद्धि मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों की बेरोजगारी में वृद्धि के कारण हुई. असमान बारिश के स्तर की वजह से ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर में वृद्धि हुई है क्योंकि इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि श्रमिकों की तैनाती में देरी हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर मई के 6.62 फीसदी से बढ़कर जून में 8.03 प्रतिशत हो गई. दूसरी ओर इसी अवधि के दौरान शहरी बेरोजगारी दर 7.30 प्रतिशत हो गई. एक महीने पहले यह 7.12 प्रतिशत थी.
वहीं, शहरी बेरोजगारी दर की बात करें तो जून में यह मासिक आधार पर 0.91% बढ़कर 7.30% दर्ज हुई है. यह बीते एक साल में इसका सबसे कम आंकड़ा है. मई में यह 8.21% के स्तर पर थी. CMIE के एमडी महेश व्यास ने कहा, जून के दौरान लगभग 1.3 करोड़ नौकरियां खत्म हो गईं. लेकिन बेरोजगारों की संख्या में महज 30 लाख की बढ़ोतरी हुई क्योंकि बाकी लेबर मार्केट से बाहर हो गए. इसने श्रम भागीदारी दर (LPR) को जून में सबसे कम 38.8% पर ला दिया. यह इससे पिछले दो महीनों (अप्रैल-मई) में 40% थी.

Facebook Conversations