अंबिकापुर साइबर फ्रॉड केस में बड़ा आरोप: ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर 1 करोड़ रिश्वत मांगने का दावा, IG ने कहा- अब तक नहीं मिला ठोस सबूत...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर साइबर थाने में दर्ज एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मामले में अलग-अलग राज्यों से अब तक 23 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी बीच शिकायतकर्ता ने ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल पर 1 करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद मामला CBI और न्यायालय तक पहुंच गया है।

20.15 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा मामला

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा निवासी आकाश कुमार पर अंबिकापुर के साइबर थाने में 20.15 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस केस की जांच के दौरान कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए ट्रेनी IPS राहुल बंसल ने कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की मांग की।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि रकम हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई। आरोप में साइबर थाने में पदस्थ ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा की भूमिका मध्यस्थ के तौर पर बताई गई है। शिकायतकर्ता ने बातचीत से जुड़े स्क्रीनशॉट और ऑडियो रिकॉर्ड होने का भी दावा किया है।

CBI कोर्ट तक पहुंचा मामला

शिकायतकर्ता ने पहले CBI निदेशक को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की थी। बाद में दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर किया गया। शिकायत में IPS राहुल बंसल, ASI प्रवीण राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

कोर्ट ने मामले में IPS समेत तीनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

IG बोले- राहुल बंसल के खिलाफ नहीं मिला ठोस सबूत

मामले को लेकर सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है। IG के मुताबिक, अब तक की जांच में राहुल बंसल के खिलाफ रिश्वत मांगने या शिकायत में उनकी संलिप्तता का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।

IG ने बताया कि शिकायत में जिन मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है, वे राहुल बंसल के नंबर नहीं हैं। वहीं वायरल ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज भी राहुल बंसल की नहीं बताई गई है।

ASI और आरक्षक पुलिस लाइन अटैच

मामले की जांच प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो, ऑडियो और संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच अभी जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच में जिसके खिलाफ जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चूंकि मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, इसलिए आगे की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तय होगी।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations