16 जून 2022
उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मामले में अब तक आरोपियों की संख्या बढ़कर 357 हो गई है। योगी सरकार की पुलिसजहां आरोपियों को गिरफ्तारी करने के लिए ताबड़तोड़ छापे मार रही है तो वहीं अवैध इमारतों पर भी बुलडोजर चल रहा है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने यूपी में बुलडोजर एक्शन से जुड़ी मांग वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है, जिस पर आज सुनवाई होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जमीयत उलेमा ए हिंद की लीगल सेल के सचिव गुलजार अहमद आजमी की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में तीन जून को कानपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था। उसके बाद हिंदू और मुस्लिम समुदाय में झड़प हो गई। दोनों समुदाय के लोगों ने पथराव किया, लेकिन केवल एक पक्ष से जुड़े लोगों पर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और मकानों पर भी बुलडोजर चलाए गए।
अर्जी में कहा गया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश (रेग्युलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन्स) एक्ट, 1958 की धारा 10 और उत्तर प्रदेश अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1973 की धारा 27 का उल्लंघन है। अवैध निर्माण होने पर भी कार्रवाई से पहले उसके मालिक को 15 दिन का नोटिस देने और कार्रवाई रुकवाने के लिए अपील करने के लिए 30 दिन का समय देने का प्रावधान है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में इन कानूनों का पालन नहीं हो रहा है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह प्रदेश सरकार को आदेश दे कि बुलडोजर एक्शन की कार्रवाई को फौरन रोका जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की इस अर्जी पर आज न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ सुनवाई करेंगे।
अब तक आरोपियों की संख्या बढ़कर 357
यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि 10 जून को राज्य में घटित घटना के संबंध में आज सुबह 7 बजे तक कुल 357 आरोपी गिरफ्तार हुए। प्रयागराज से 97, सहारनपुर से 85, हाथरस से 55,मुरादाबाद से 40, फिरोजाबाद से 20, अंबेडकरनगर से 41,अलीगढ़ से 6,लखीमपुर खीरी से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जालौन से 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 13 FIR दर्ज हैं।

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