साजा क्षेत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित रोजगार एवं आवास दिवस आयोजित”
त्वरित खबरें (अरुण रेपोर्टिंग )

बेमेतरा,  जनपद पंचायत साजा अंतर्गत ग्रामीण विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में आज विभिन्न ग्राम पंचायतों में “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं से सीधे जोड़ना, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत तिरियाभाठ, बेलतरा, ढाप, सुखाताल, बोरतरा, मोहतरा, खाती एवं तेंदुआ सहित अनेक ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिन्होंने योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी और उन्हें योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

“आवास दिवस” के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को उनके खातों में हस्तांतरित राशि की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सभी अपूर्ण आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने हितग्राहियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण कार्य पूर्ण करें, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार को पक्के मकान का लाभ मिल सके। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

इसी क्रम में स्व-सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। उन्हें निर्माण कार्यों हेतु सामग्री आपूर्ति एवं अन्य ग्रामीण विकास गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और शासन द्वारा उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

“आवास दिवस” के दौरान जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई। ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने तथा सोक पीट (सोखता गड्ढा) बनाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्षा जल संचयन से भू-जल स्तर में सुधार होगा और भविष्य में संभावित जल संकट से राहत मिलेगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

“रोजगार दिवस” के अवसर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि मई माह के भीतर सभी स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों को पूर्ण किया जाए। साथ ही ग्रामीणों की मांग के अनुसार नए कार्य प्रारंभ करने पर भी चर्चा की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो सके और पलायन की स्थिति में कमी आए।

कार्यक्रम में “मोर गांव-मोर पानी-मोर तरिया” अभियान के तहत “नवा तरिया-आय के जरिया” पहल की जानकारी भी दी गई। इसके अंतर्गत सभी CLF समूहों को नए तालाब निर्माण हेतु प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को मनरेगा योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी QR कोड स्कैनिंग के माध्यम से प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। इससे ग्रामीण आसानी से योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही में वृद्धि होगी।

ग्राम पंचायत बेलतरा में “चावल उत्साह दिवस” का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण बरगद वृक्ष की छांव में एकत्रित हुए और शासन की योजनाओं का लाभ लेने का संकल्प लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और विकास कार्यों के प्रति अपनी सहभागिता दिखाई।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं का भी मौके पर समाधान किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल निराकरण किया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से शासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है।

इस प्रकार साजा क्षेत्र में आयोजित “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations