रायपुर में होने वाले आईपीएल मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन इसी उत्साह का फायदा उठाकर टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग का बड़ा खेल भी सामने आने लगा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कई ऐसे अकाउंट सक्रिय हैं, जो मैच टिकट उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से तय कीमत से कहीं ज्यादा रकम वसूल रहे हैं। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि कुछ ब्रोकर टिकट की वास्तविक कीमत से लगभग डेढ़ हजार रुपए तक अधिक राशि मांग रहे हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में ऑनलाइन टिकट भेजने के नाम पर एडवांस भुगतान लेने की बात भी सामने आई है। एक भास्कर रिपोर्टर ने जब ग्राहक बनकर ऐसे ब्रोकरों से संपर्क किया, तब उन्होंने खुलेआम अतिरिक्त पैसे लेकर टिकट उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की। ब्रोकर ने कहा कि पहले एडवांस राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करनी होगी, इसके बाद टिकट व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेज दिए जाएंगे। इस पूरे मामले ने ऑनलाइन टिकट बिक्री और सोशल मीडिया के जरिए हो रही अवैध दलाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में टिकटों की भारी मांग रहती है और कई बार आधिकारिक वेबसाइट पर टिकट कुछ ही मिनटों में बिक जाते हैं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग फर्जी और अनधिकृत तरीके से टिकटों की खरीद-फरोख्त शुरू कर देते हैं। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर आकर्षक पोस्ट और स्टोरी लगाकर लोगों को भरोसा दिलाया जाता है कि उनके पास सीमित संख्या में वीआईपी या प्रीमियम टिकट उपलब्ध हैं। कई अकाउंट खुद को “ऑफिशियल टिकट पार्टनर” या “रेफरेंस बेस्ड सेलर” बताकर ग्राहकों को भ्रमित करते हैं। क्रिकेट के प्रति लोगों की दीवानगी और मैच देखने की उत्सुकता के कारण कई लोग बिना जांच-पड़ताल किए ऐसे अकाउंट्स पर भरोसा कर लेते हैं और एडवांस भुगतान कर देते हैं। इसके बाद कई बार उन्हें टिकट नहीं मिलते या फिर फर्जी टिकट थमा दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ब्लैक मार्केटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आम लोगों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी भी है। पुलिस और साइबर सेल पहले भी ऑनलाइन टिकट फ्रॉड के मामलों में कार्रवाई कर चुकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार नए अकाउंट बन जाने के कारण इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना चुनौती बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट और आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही टिकट खरीदें। किसी भी अनजान व्यक्ति या सोशल मीडिया अकाउंट पर भरोसा कर एडवांस भुगतान करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति अतिरिक्त कीमत पर टिकट बेचने की कोशिश करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को दें।
इस मामले के सामने आने के बाद क्रिकेट प्रेमियों में भी चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि ब्लैक मार्केटिंग के कारण आम दर्शकों को उचित कीमत पर टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि टिकटों की सीमित उपलब्धता और बढ़ती मांग के कारण इस तरह का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की नजर ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बनी हुई है, और आने वाले दिनों में इस मामले में सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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