बेमेतरा जिले में 48 अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र शुरू होंगे
बेमेतरा 24 अप्रैल 2025/- हर वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत में ग्राम स्वराज की भावना को सशक्त करने और लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाता है। इसकी शुरुआत 24 अप्रैल 1993 को हुई, जब 73वें संविधान संशोधन अधिनियम को लागू किया गया। इस संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया और देश में त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था–ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत (ब्लॉक स्तर) और जिला पंचायत–को सशक्त रूप से लागू किया।
छत्तीसगढ़ का बेमेतरा ज़िला, इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक सशक्त उदाहरण है। बेमेतरा ज़िले में 425 ग्राम पंचायतें हैं, जो स्थानीय शासन की इकाइयों के रूप में कार्य करती हैं। इन पंचायतों का संचालन ग्रामीणों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से होता है। पंचायतें न केवल विकास कार्यों का संचालन करती हैं बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान भी करती हैं।
कल 24 अप्रैल को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में एक साथ 1474 ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला बेमेतरा में 48 अटल पंचायत डिजीटल सुविधा केन्द्र शुरू किया जा रहा है। मुख्य कार्यकम विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम टेमरी में सुबह 10:00 बजे से होगा।
हाल ही में, फरवरी 2025 में, बेमेतरा ज़िले में पंचायती चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए। यह चुनाव प्रक्रिया लोकतंत्र की असली परीक्षा होती है क्योंकि इसमें आम नागरिक सीधे रूप से भाग लेते हैं। ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला पंचायत तक, सभी स्तरों पर प्रतिनिधियों का चुनाव हुआ। इनमें पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे पद शामिल हैं। इस बार चुनाव में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही, जो सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता की ओर एक सकारात्मक संकेत है।
पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ होती हैं। ये संस्थाएं न केवल सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करती हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी अहम भूमिका निभाती हैं। बेमेतरा ज़िले की पंचायतें भी इस दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। जिले में कई पंचायतों ने डिजिटल सेवाओं को अपनाकर पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि की है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का उद्देश्य पंचायतों की भूमिका को पहचान देना, उन्हें और सशक्त करना तथा आम नागरिकों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें जनता की भागीदारी अनिवार्य है।
अंततः, बेमेतरा ज़िले की पंचायतें राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मूल संदेश – “गांव की सरकार, गांव के द्वार” – को साकार कर रही हैं। आने वाले समय में भी ये संस्थाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ ग्रामीण विकास को मजबूती प्रदान करती रहेंगी।

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