22/अगस्त /2022
अपनी लंबित मांगों के निराकरण और पिछले दिनों 21 दिन की हड़ताल के दौरान उनका वेतन काटने के विरोध में बुधवार से पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। सचिवों के हड़ताल पर जाने से पंचायतों के सभी काम ठप हो गए। जनपद पंचायत के सामने सचिवों ने धरना देकर अपना विराेध प्रदर्शन किया और मांगों के निराकरण के लिए नारेबाजी भी की।
पिछले कई दिनों से पंचायत सचिवों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया गया है। साथ ही पूर्व में 21 दिवसीय अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गए सचिवों का वेतन काट लिया था। इसकी सूचना कर्मचारियों को नहीं दी गई। इससे सचिवों में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष पंचायत सचिव संगठन के लखन ठाकुर ने बताया कि लंबित मांगों के निराकरण के लिए सभी पंचायतों के सचिव हड़ताल पर बैठ गए हैं।
इन मांगों को लेकर सचिवों ने किया काम बंद
जिलाध्यक्ष श्री ठाकुर ने बताया कि सचिवों को सहायक अध्यापक के समान वेतन दिया जाए। साथ ही छठवां वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति की मांग पूरी की जाए। इसके अलावा पिछले तीन साल से लंबित पड़ी मांगों का भी शीघ्र निराकरण करने की बात पंचायत सचिवों ने कही है।
सचिवों की हड़ताल से ये काम होंगे प्रभावित
प्रधानमंत्री आवास योजना का गरीबों को लाभ दिलाने पंचायतों में सर्वे का काम किया जा रहा है।
मनरेगा के तहत पंचायतों में कपिल धारा कुआं निर्माण, खेल मैदान, शांतिधाम सहित अन्य काम किए जा रहे हैं।
हड़ताल से मस्टर रोल जारी नहीं होगा। इससे मनरेगा के मजदूरों का वेतन रुकेगा। साथ ही समय पर वेतन नहीं मिलने से मजदूरों को अधिक परेशानी होगी।
हितग्राही के प्रमाण पत्र, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन कार्ड जॉब कार्ड आदि नहीं बन पाएंगे।

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