निगम की २० सिटी बसे जनता की कहाँ है महापौर खुलासा करें - ओस्तवाल...
त्वरित खबरें निशा विश्वास ब्यूरो प्रमुख रिर्पोटिंग

निगम की २० सिटी बसे जनता की कहाँ है महापौर खुलासा करें - ओस्तवाल...

राजनांदगांव- शहर की जन-जन की आवाज एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से  निगम आयुक्त और महापौर मधुसूदन यादव से यह जानना चाहा है कि शहर की जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लगभग सन् २०१४ में मुख्यमंत्री रहते हुए डॉ. रमन सिंह जी एवं तत्कालीन कलेक्टर मुकेश बंसल जी के कार्यकाल में राजनांदगांव शहर की जनता की तकलीफो को ध्यान में रखते हुए शासन से नगर निगम राजनांदगांव को लगभग २० सिटी बसे संचालन हेतु मिली थी और उस समय महापौर मधुसूदन यादव स्वयं पद में विराजमान थे और सिटी बस के संचालन और रिपेयरिंग हेतु करोड़ो रूपये की लागत से रेवाडीह वार्ड स्थित में बस डिपो मधुसूदन यादव जी के द्वारा बनवाया गया लेकिन निगम सीमा की जनता को बस की सुविधाएं चंद दिनो ही मिली और निगम अधिनियमो के तहत् चल-अचल सम्पत्ति की सुरक्षा करने की जवाबदारी निगम आयुक्त की है और जिन सिटी बसो का संचालन करने हेतु शासन के नियमो के तहत् जिन्हें निगम आयुक्त और महापौर परिषद के द्वारा जो निर्णय सिटी बस संचालन हेतु जिन लोगो/फर्म से सिटी बस संचालन हेतु अनुबंध किया गया है और अनुबंध का पालन नहीं करने की स्थिति में निगम आयुक्त और महापौर को कड़े निर्णय लेने चाहिए थे लेकिन सिटी बस की आड़ में रिपेयरिंग और बस संचालन करने वाले लोगो से जो राशि प्रतिमाह वसूली आदि की जानी है उसकी यदि जाँच जिले के कलेक्टर महोदय करवाएंगे तो इतने चौकाने वाले तथ्य सामने आएंगे? कि उन दस्तावेजो में जो वर्षो से सिटी बसे कहाँ है उसके महंगे कंपनी के टायर, इंजन पार्ट्स आदि किस हालात में है और कौन से पार्ट्स उन बसो में लगे थे और वर्तमान में कौन से पार्ट्स लगे है उसकी पूरी वस्तु स्थिति से जनता और शासन के हितो को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर महोदय से अनुरोध है कि निगम की जो लाल फिता शाही चल रही है उस पर अंकुश लगाते हुए दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करें और शहर और ग्रामीण वार्डो की जनता को सिटी बसो का जो लाभ मिलने हेतु योजना शासन द्वारा चालू की गई थी उसे धरातल पर समय सीमा पर उतारने का कष्ट जिससे शहर की जनता आपके इस ऋण को याद रखेगी क्योंकि महापौर मधुसूदन यादव का लक्ष्य शहर की जनता के हित का कम रहता है? और उनका जो लक्ष्य वह एक ही है जिसे कलेक्टर महोदय कम दिनों में समझ गए होंगे क्योंकि जो महापौर बूढ़ासागर के इतने गंभीर मामले में जिला कलेक्टर सहित तमाम अधिकारियो को साथ में लेकर निरीक्षण करते लेकिन ऐसा नही किया क्योंकि इस भ्रष्टाचार की मूल जड़ जब स्वयं ही है? तो आधा शीशी स्वास्थ्य अधिकारी को लेकर पोटाश और चूना डालने का निर्देश देकर बहुत बड़ी बहादुरी का काम कर दिखाया सोच रहे हैं वह उनकी गलतफहमी है यह इसका जीता जागता प्रमाण है ।

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