राजनांदगांव, 4 फरवरी 2022.
कैंसर (कर्क) रोग पर नियंत्रण व इससे बचाव हेतु जिले में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत मेडिकल कालेज पेंड्री और जिला स्वास्थ्य समिति राजनांदगांव के संयुक्त तत्वावधान में मेडिकल कालेज पेंड्री में मुख कर्क रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस निशुल्क शिविर में मेडिकल कालेज की दंत रोग चिकित्सा विशेषज्ञ डा. प्रज्ञा जायसवाल ने अपनी सेवाएं दीं। इस अवसर पर लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।
मेडिकल कालेज के साथ ही जिला अस्पताल तथा जिले के सभी हेत्थ एंड वेलनेस सेंटर में भी कैंसर से बचाव हेतु जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सभी कार्यक्रम कोरोना प्रोटोकाल के अंतर्गत सांचालित किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु मास्क,आवश्यक शारीरिक दूरी तथा सैनेटाइजर के उपयोग जैसे नियमों को प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं जन जागरुकता के लिए बैनर-पोस्टर लगाए गए हैं। कैंसर नामक गंभीर बीमारी की रोकथाम तथा इसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस की मदद से इस घातक बीमारी से बचाव के लिए लोगों को सावधान करते हुए बीमारी के लक्षण बताकर इलाज का सही मार्ग चुनने पर जोर दिया जाता है। इसी कड़ी में पेंड्री स्थित मेडिकल कालेज में मुख कर्क रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में स्वास्थ्य जांच के करने के साथ ही मेडिकल कालेज की दंत रोग चिकित्सा विशेषज्ञ डा. प्रज्ञा जायसवाल ने मरीजों को बताया, “मुंह में सफेद / लाल चकता / घाव होना, किसी जगह त्वचा का कड़ा हो जाना, ऐसे घाव जो माह से अधिक अवधि तक ना भरे, मुंह के श्लेष्मा का पीला पड़ जाना, मसालेदार भोजन का मुँह के अन्दर सहन न होना, मुंह खोलने में कठिनाई, जीभ को बाहर निकालने में कठिनाई, आवाज में परिवर्तन, अत्यधिक लार का स्वाव तथा चबाने या निगलने में कठिनाई मुख्य रूप से मुख कैंसर के लक्षण होते हैं। अगर उपरोक्त में से कोई भी संकेत दिखाई दे तो तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क कराकर परमर्श लेना चाहिए”।
इस संबंध में राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथिलेश चौधरी ने बतायाः“कैंसर या कर्क रोग को गंभीर रोगों की श्रेणी में गिना जाता है हालांकि समय पर इलाज कराया जाए तो इस रोग से पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। कैंसर पर नियंत्रण तथा इस रोग से बचाव के लिए विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर इस वर्ष भी जिले में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से लोगों को कैंसर रोग के कारण, लक्षण व बचाव की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न अस्पतालों में प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के साथ ही विशेष जांच शिविर भी लगाए जा रहे हैं”।
स्वयं भी कर सकते हैं मुंह के कैंसर की जांचः
पानी से कुल्ला कर लें और पर्याप्त रोशनी में दर्पण के सामने खड़े हो जाएं। दर्पण में देखें कि मुँह के अन्दर कोई असामान्य सफेद या लाल चकत्ता, घाव या कठोर त्वचा, दाने या सूजन तो नहीं है। यदि ऐसा कुछ दिखाई दे तो संदेहास्पद भाग को उंगलियों से छूकर देखना चाहिए । कुछ असामान्य स्थिति देखने पर डॉक्टर से परामर्श लें।

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