गतिशील जनधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के आयोजन में जुटे रचनाकार...
त्वरित खबरे - नेहा सेंडे रिपोर्टिंग

भिलाई- प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था 'आरंभ' के तत्वावधान में 'शाम-ए-ग़ज़ल' का आयोजन रविवार 08 फरवरी को भिलाई निवास कॉफी हाउस के सभागार में किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आए शायरों ने अपने कलाम सुनाए और वाहवाही लूटी।आयोजन में मुख्य अतिथि हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप थे। अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री संतोष  झांझी और विशिष्ट अतिथि शायर मुमताज ने की। 'आरंभ' के मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा एवं मुख्य सलाहकार आचार्य डॉ. महेश चंद्र शर्मा की उपस्थिति में देर शाम तक श्रोताओं ने कई शानदार गजलों का लुत्फ उठाया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से नामचीन शायर व ग़ज़लकारों ने शिरकत की। सद्र-ए-मुशायरा अब्दुस्सलाम कौसर की सदारत में सुखनवर हुसैन, आलिम नकवी, आर.डी.अहिरवार, इरफ़ानुद्दीन इरफ़ान, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी 'सब्र', राकेश गुप्ता 'रुसिया', सुशील यादव, शाहीन अंसारी और 'आरंभ' की महासचिव शायरा नूरुस्साबाह खान 'सबा' ने अपने-अपने कलाम सुनाए।त्र्यम्बक राव साटकर 'अंबर' ने अपनी कृति 'महान डॉ. अब्दुल कलाम काव्य पुष्पांजलि', राकेश गुप्ता 'रूसिया' की कृति 'धरोहर इक ग़ज़ल नामा', डॉ. विजय कुमार गुप्ता 'मुन्ना' की कृति 'छंद कथा समय यथा' एवं डॉ. इकबाल खान 'तन्हा' ने 'वनांचल साहित्य सृजन समिति' की वार्षिक साहित्यिक पत्रिका अतिथियों को भेंट की।आमंत्रित ग़ज़लकारों को 'आरंभ' की तरफ से शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ व 'आरंभ कलमकार सम्मान-2026' प्रशस्ति-पत्र से अलंकृत किया गया। वहीं भूपेंद्र कुलदीप, संतोष झांझी और शायर मुमताज ने भी अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया।इस अवसर पर 'आरंभ' महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अनिता करडेकर, उपाध्यक्ष दीप्ति श्रीवास्तव, सचिव आलोक कुमार चंदा, आंतरिक अंकेक्षण पल्लव चटर्जी, ब्रजेश मल्लिक, जाविद हसन और विनोद कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में रचनाकार  उपस्थित थे।  स्वागत उद्बोधन 'आरंभ' के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने दिया। संचालन कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रजनी नेलसन ने किया। 'शाम-ए-ग़ज़ल' का संचालन शायरा नूरुस्साबाह खान 'सबा' और आभार वरिष्ठ उपाध्यक्ष शानू मोहनन ने व्यक्त किया।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations