गर्मी के मौसम में बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषक आहार जरूरी
त्वरित ख़बरें - खान-पान में सुपोषण का तड़का लगते ही सुधरने लगा स्वास्थ्य,गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं व बच्चों की देखभाल करने घर-घर संपर्क

राजनांदगांव, 14 अप्रैल 2022. - रिपोर्टिंग निशा बिस्वास -  गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने के लिए कई कारगर उपाय बताए जा रहे हैं।आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन द्वारा उन्हें गर्मी और लू से बचाव हेतु खूब पानी पीने तथा हल्का व सुपाच्य पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही समय-समय पर महिलाओं तथा शिशुओं की स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।

गर्मी व लू वाले मौसम में सेहत का विशेष ध्यान रखते हुए डिहाइड्रेशन से बचना जच्चा और बच्चा दोनों के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे समय में विशेषकर गर्भवती महिला को ज्यादातर तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए, यह गर्भस्थ शिशु के भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अंजू नेताम ने बतायाः “गर्मी के मौसम में गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं व बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मितानिन के सहयोग से घर-घर जाकर लाभार्थियों को पोषक आहार लेने की सलाह दी जा रही है तथा स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है। लाभार्थियों को बताया जा रहा है कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की मात्रा औसत से कम होने पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए खूब पानी पीना चाहिए। दिन में आठ से दस गिलास पानी का सेवन करने के साथ ही  जूस, नारियल पानी, नींबू पानी आदि का भी भरपूर सेवन करना चाहिए। इसी तरह महिलाओं को प्रसव से पहले और प्रसव के बाद भी अपने खान-पान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। खाने में प्रोटीयुक्त भोजन, कैल्शियम, फोलिक एसिड और आयरन की प्रचुरता होनी चाहिए। यह मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। स्तनपान भी मां और शिशु दोनों के लिए लाभकारी है। इस दौरान ऐसा आहार लेना चाहिए जो पचने में आसान हो। ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना तथा  बाहर का खाना खाने से परहेज करना चाहिए। वहीं नारियल पानी, खीरा, दही, केला, फलों का जूस, सब्जियों का जूस एवं सलाद लेना स्वास्थ्यवर्धक होता है।”

इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बतायाः “गर्मी के दिनों में गर्भवती महिलाओं को हाईड्रेटेड रखना चाहिए। तेज धूप और इसकी अल्ट्रावॉयलेट किरणों का बुरा असर गर्भवती महिला पर पड़ सकता है जिससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है,  लू लग सकती है तथा डिहाईड्रेशन की समस्या (दस्त और उल्टी) हो सकती है। इसीलिए गर्भवती महिला को खूब पानी पीना चाहिए तथा धूप से बचना चाहिए। पानी, शरीर से टॉक्सिन्स निकालने के साथ ही शरीर को डिहाइड्रेशन की समस्या से भी बचाता है जो गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। यदि कहीं जाना अति आवश्यक हो तो छाता लेकर या फिर सूती कपड़ा पहनकर और सिर को ढककर ही जाना चाहिए।”

नारियल पानी स्वादिष्ट, स्फूर्तिदायक:  ऋतु

लाभार्थी ऋतु साहू (26 वर्ष) ने बतायाः “आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व मितानिन ने घर पर आकर स्वास्थ्य परामर्श दिया था। उनकी सलाह पर मैने गर्मी के मौसम में नारियल पानी, खीरा, दही, केला, जूस तथा सलाद जैसी खाद्य सामग्रियों को भी नियमित आहार में शामिल किया है जिससे अब सुस्ती, थकान या कमजोरी महसूस नहीं होती बल्कि पूरा दिन अच्छा लगता है।” ऋतु ने बतायाः “मुझे नारियल पानी का स्वाद पता नहीं था लेकिन पीकर देखा तो यह बहुत स्वादिष्ट लगा और इसने मुझे तरोताजा भी किया।”

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