गायत्री विद्यापीठ में विज्ञान, आर्ट एवं क्राफ्ट मेला का भव्य आयोजन :
त्वरित खबरे : (रामसेतु, इंडियन आर्मी वेपन्स, वर्ल्ड आॅफ रोबोटिक्स, केदारनाथ जैसे मॉडल्स आकर्षण का केंद्र)

14  नवम्बर 2022

राजनांदगांव। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पालकों की विशेष मांग के आधार पर कुछ नया सीखने व जानने के उद्देश्य से शिक्षा व संस्कार के क्षेत्र में अग्रणी गायत्री विद्यापीठ में मेले का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थी ने अपने विभिन्न मॉडल्स प्रस्तुत किए।

उक्त आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में सनसिटी के सीनियर सिटीजन सदस्य उपस्थित थे। जिनमें  श्यामराव खोटले,  पीपी सिंग, राकेश गुप्ता, विजय पटेल,  राकेश ठाकुर,  सुभाष खण्डेलवाल,  जीएल राजू,  मिश्रीलाल,  रामावतार गोयल,  गोपाल खण्डेलवाल,  सारंग मुदलियार,  वेलजी भाई पटेल,  प्रदीप गांधी पूर्व सांसद, श्री अतुल मिठिया, श्री सुरेश के. गट्टानी, श्री नरेन्द्र कोठारिया, गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष  नंदकिशोर सुरजन, श्रीमती सुषमा सुरजन, उपाध्यक्ष श्रीमती संध्यादेवी सिंघल, सचिव  हरीश गांधी, श्रीमती रूपाली गांधी, मुख्य प्रबंध ट्रस्टी  सूर्यकांत चितलांग्या,  संजय लड्ढा, प्राचार्य श्रीमती वत्सला अय्यर, सुश्री सीमा डोल्हे, सुश्री सीमा श्रीवास्तव, उपप्राचार्य श्रीमती रश्मि ठाकुर, श्रीमती वंदना डुंभरे, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में पालकगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

उक्त जानकारी देते हुए शाला की व्याख्याता एवं मीडिया प्रभारी श्रीमती उषा झा ने बताया कि मेले का शुभारंभ माँ गायत्री के तैलचित्रों पर दीप प्र’जवलन के साथ किया गया। मुख्य रूप से मेले का आकर्षण रहा रामसेतु, वर्ल्ड आॅफ रोबोटिक्स, इंडियन आर्मी डिस्प्ले, केदारनाथ, नुक्कड़ नाटक, हस्तकला, चित्रकला आदि। जिसमें कई ज्ञानवर्धक, रोचक मॉडल्स को खूब सराहना मिली। रामसेतु मॉडल को देखकर बरबस ही रामेश्वर की यादें ताजा हो गई। रोबोटिक्स ने भी सभी का ध्यान खींचा। भारतीय सेना द्वारा प्रयोग किए जाने वाले देश की सुरक्षा के लिए हथियारों का प्रयोग का प्रदर्शन भी शानदार रहा। केदारनाथ में साक्षात  शिव के दर्शन का आभास हुआ। नुक्कड़ नाटक जो लैंगिक समानता पर आधारित थी जिसमें बेटियों के महत्व को बहुत ही प्रभावी ढंग से बताया गया। टेÑन दुर्घटना से बचाव इसकी भी रोचक जानकारी बच्चों ने मॉडल के माध्यम से दी। जिले में स्थित शिवनाथ के पानी का वाटर फिल्टरेशन का कार्य किस प्रकार होता है यह भी आकर्षण का केंद्र रहा। आटोमेटिक वेडिंग मशीन की उपयोगिता जानकर लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही बायोडिग्रीडेबल प्लास्टिक की खोज भी बढ़ते प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण है इसे बच्चों ने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। थ्री-डी इलुशन की प्रस्तुति भी शानदार रही। इसमें फोटोग्राफी कला की आधुनिक तकनीक को जानकार लोगों ने खूब सराहना की। प्री-प्राइमरी व प्राइमरी के नन्हें मुन्हें बच्चोंं द्वारा अनेक शानदार मॉडल्स प्रस्तुत किए गए जिसमें मुख्य रूप से बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम, मानव शरीर की संरचना, जल संरक्षण, आओ खेले मनोरंजक खेल आदि प्रस्तुत किए। इस मेले में यज्ञ चिकित्सा एवं एक्यूप्रेशर थेरेपी को भी प्रस्तुत किया गया। पालकों द्वारा मेले का अवलोकन करते हुए कहा गया कि इस विद्यालय की शिक्षा, संस्कार, यहां की व्यवस्था से हम अति प्रभावित है। यहां की शिक्षा, संस्कार से संतुष्ट है। हमें गर्व है कि हमारे बच्चे यहां अध्ययनरत् है।

विज्ञान मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में सिनीयर सिटीजन्स द्वारा कहा गया कि गायत्री विद्यापीठ जिले की अग्रिम पंक्ति में खड़ी यह गर्व की बात है कि हम यहां आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते है। बच्चों की खोजी प्रवृत्ति काबिले तारीफ है। विकसित राष्ट्र हेतु आप जैसे प्रतिभावानों की आज देश को आवश्यकता है। हम आप सभी भावी वैज्ञानिकों को शुभकामना व आशीर्वाद देते है आप अपने लक्ष्य में सफल हो।

शाला की प्राचार्य श्रीमती वत्सला अय्यर द्वारा स्वागत भाषण में कहा गया कि यह विद्यालय, यहां की कार्यप्रणाली विशिष्ट है जो हमें भीड़ से अलग पहचान देती है। क्षेत्र चाहे कोई भी हो शिक्षा, खेल, संस्कार सभी क्षेत्रों में हमने अपनी बेहतर छवि बनाई है। आप सभी की उपस्थिति विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने में, उनके उ’जवल भविष्य की ओर एक सराहनीय कदम है। मैं अपनी पूरी टीम के शिक्षकों का भी धन्यवाद व्यक्त करती हूँ जिनका सहयोग, मार्गदर्शन विद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक है। मेले में आरंभ से लेकर अंत तक पालकों की भीड़ देखने को मिली। इस भव्य मेले के अवलोकन से सभी पालकों ने प्रसन्नता व्यक्त किया।

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