दुर्ग पुलिस का बड़ा मिशन: अब स्कूलों और सड़कों पर बेटियों की सुरक्षा का सख्त पहरा...
त्वरित खबरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

दुर्ग। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दुर्ग पुलिस का "पिंक पेट्रोलिंग अभियान" लगातार जारी है। अभियान के तहत जिलेभर के विद्यालयों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और छात्राओं के आवागमन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि हर बेटी खुद को सुरक्षित और निडर महसूस कर सके।

पुलिस टीम ने नेवई डैम और मैत्री बाग क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आम नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव भी सुने। वहीं, भिलाई नगर और मोहन नगर थाना क्षेत्र के कई स्कूलों में छात्र-छात्राओं को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

छात्राओं को बताए सुरक्षा के खास उपाय

अभियान के दौरान विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति ऐप, महिला हेल्पलाइन-1091, डायल-112, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा कानूनों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर स्कूल और ट्यूशन आने-जाने के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, पीछा करने या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें बिना डर पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।

मोबाइल में डाउनलोड कराया 'अभिव्यक्ति ऐप'

मोहन नगर थाना क्षेत्र के शासकीय विद्यालय उरला में पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के मोबाइल में अभिव्यक्ति ऐप डाउनलोड कराकर उसका उपयोग भी समझाया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत पुलिस की मदद ले सकें।

हर स्कूल और हर रास्ते पर पुलिस की नजर

दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसरों, छात्राओं के आवागमन मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित निगरानी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, भयमुक्त और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराना है।

दुर्ग पुलिस की अपील

यदि किसी भी महिला या छात्रा के साथ छेड़छाड़, पीछा करने, साइबर अपराध या कोई भी संदिग्ध गतिविधि होती है, तो तुरंत डायल-112, महिला हेल्पलाइन-1091 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। साथ ही अभिव्यक्ति ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

👉 दुर्ग पुलिस का संदेश साफ है— "महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं। सुरक्षित समाज, सुरक्षित भविष्य।"

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