धान बेचने से पहले पढ़ लें ये खबर! किसानों के लिए बदला नियम, बिना एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं बिकेगा
त्वरित खबरें :- नेहा साहू रिपोर्टिंग

दुर्ग। धान खरीदी 2026-27 में किसानों के लिए पंजीयन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन और एग्रीस्टेक बकेट क्लेम के बिना धान की बिक्री नहीं हो सकेगी। खासकर संयुक्त खाते वाले किसानों के लिए सभी सह-खातेदारों का पंजीयन और सहमति सत्यापन अनिवार्य रहेगा।

कलेक्टर ने दिए शत-प्रतिशत पंजीयन के निर्देश

कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने 1 सितंबर को पीडब्ल्यूडी सभाकक्ष में एग्रीस्टेक और बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन की समीक्षा की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने लंबित बकेट क्लेम को लेकर नाराजगी जताई और सभी सह-खातेदारों का पंजीयन समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।

संस्थागत किसानों को अब नहीं मिलेगी छूट

पिछले वर्षों में संस्थागत पंजीयन वाले किसानों को दी गई विशेष छूट इस वर्ष समाप्त कर दी गई है। अब संस्थागत समेत सभी श्रेणी के किसानों का पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा।

पंजीयन नहीं कराने वाले किसान धान बिक्री से वंचित रह सकते हैं। इसलिए संबंधित समितियों को लंबित बकेट क्लेम तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

संयुक्त खाते वाले किसानों के लिए जरूरी नियम

यदि किसी कृषि भूमि में एक से अधिक हिस्सेदार दर्ज हैं, तो वह संयुक्त खाता माना जाता है। ऐसे मामलों में प्रत्येक सह-खातेदार के नाम से बकेट आईडी बनेगी और उसे एग्रीस्टेक में पंजीकृत कराना होगा।

सभी सह-खातेदारों की सहमति का सत्यापन भी जरूरी होगा।

दूसरे शहर में रहने वाले सह-खातेदार ऐसे दें सहमति

यदि कोई सह-खातेदार गांव या जिले से बाहर रहता है, तो उसके लिए भौतिक रूप से उपस्थित होना जरूरी नहीं है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन सहमति ली जा सकती है।

जब तक सभी सह-खातेदारों का सत्यापन पूरा नहीं होगा, तब तक धान खरीदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

गांवों में लगाए जाएंगे विशेष शिविर

किसानों का पंजीयन और बकेट क्लेम जल्द पूरा कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में मौके पर ही सह-खातेदारों का सत्यापन, ओटीपी आधारित सहमति और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

धान नहीं बेचना है तो देना होगा घोषणा पत्र

जो किसान या संस्थागत खाताधारक इस वर्ष धान नहीं बेचना चाहते, उनसे लिखित घोषणा पत्र लिया जाएगा। इसमें यह दर्ज रहेगा कि उन्होंने स्वेच्छा से पंजीयन नहीं कराया है और भविष्य में धान बिक्री नहीं होने पर समिति की जिम्मेदारी नहीं होगी।

कहां करा सकते हैं पंजीयन

किसान अपना पंजीयन और बकेट क्लेम प्राथमिक कृषि साख समिति, तहसील कार्यालय या लोक सेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं।

कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले पंजीयन और सभी सह-खातेदारों का सत्यापन पूरा करा लें, ताकि खरीदी के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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