छत्तीसगढ़ की IAS ने कोर्ट में की शादी:UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली गईं थीं नम्रता, दे बैठीं अशोक को अपना दिल, 5 साल बाद ट्रेनी IPS ने महासमुंद आकर पहनाई वरमाला
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छत्तीसगढ़ की 2019 बैच की IAS नम्रता जैन ने शुक्रवार को महासमुंद कोर्ट में शादी कर ली। ट्रेनी IPS अशोक कुमार रखेचा से उन्होंने शादी की है। दो अफसरों के दिल साल 2015-16 में ही मिल चुके थे। तब दोनों UPSC की तैयारी करने के लिए दिल्ली गए हुए थे। जैन समाज के एक भवन में रह रही नम्रता और अशोक के बीच वहीं नजदीकियां बढ़ीं। दोनों ने हमेशा एक दूसरे का साथ देने की कसमें भी खाईं और एक साथ देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा की परीक्षा की तैयारी में लगे रहे।

नम्रता ने दो साल पहले 12वीं रैंक हासिल करके IAS बनने के अपने सपने को पूरा किया। उधर, इंडियन पुलिस सर्विस के लिए अशोक भी चुन लिए गए। घर वालों से भी दोनों ने रिश्ते की बात की। दोनों की शादी 2020 में मई के महीने में हो जाती, पर कोविड काल के संकट की वजह से शादी टालनी पड़ी। अब दोनों ने कोर्ट में शादी करने का फैसला लिया। महासमुंद के सरायपाली में इस वक्त नम्रता बतौर SDM पदस्थ हैं। जबकि अशोक IPS ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद में हैं। IPS अशोक महासमुंद पहुंचे और नम्रता के गले में वरमाला डाली।

इस शादी में महासमुंद जिला प्रशासन के कुछ अफसर और चुने हुए रिश्तेदार ही शामिल हुए। कलेक्टर दफ्तर में ही बैंड बाजा और बारात के नजारे देखने को मिले। महासमुंद के प्रभारी अपर कलेक्टर सुनील कुमार चंद्रवंशी ने दोनों की शादी कानूनी प्रक्रिया पूरी करवाई। इस मौक़े पर कलेक्टर डोमन सिंह, SP दिव्यांग पटेल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा भी मौजूद थे। नम्रता जैन ने बताया कि सादे समारोह में ही हम दोनों ने विवाह करने की सोची थी।

जब नहीं मिला नम्रता को IAS पद

नम्रता जैन की शुरुआती शिक्षा बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में ही हुई। यहां से उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद वे भिलाई चली गईं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। नम्रता की मां किरन जैन होममेकर हैं, जबकि पिता झनवरलाल जैन बिजनेसमैन हैं। नम्रता ने 2016 में UPSC एग्जाम में 99वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने फिर से कोशिश की साल 2019 में 12वीं रैंक ने IAS बनने का उनका सपना पूरा किया। नम्रता छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद दंतेवाड़ा से पहली युवती थीं, जिसने इस तरह से UPSC क्रैक करने में कामयाबी हासिल की।

हुंडई कंपनी की नौकरी छोड़ी

नम्रता का परिवार मूलत: व्यापार से ताल्लुक रखने वाला है। इस परिवार में नम्रता पहली संतान है, जिसने इंजीनियरिंग के बाद मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब हासिल की थी। IAS बनने से पहले नम्रता को हुंडई कंपनी ने बेंगलुरु में अच्छी खासी सैलरी पैकेज के साथ जॉब ऑफर किया था मगर तब नम्रता ने अपने सपने को पूरा करने की जिद को चुना और IAS की तैयारी में जुट गईं।

नम्रता के परिजनों ने बताया कि जिस वक्त IAS की कोचिंग कर रही थी उस वक्त 6 महीने के अंतराल में दो चाचा की मौत हो गई। पहले बड़े चाचा अमृत जैन की हार्टअटैक से तो इसके ठीक 6 महीने बाद छोटे चाचा संतोष जैन की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। इस घटना ने नम्रता को झकझोर दिया। इतना ही नहीं परीक्षा के पहले 1 महीने तक बीमार भी रही, लेकिन अपना हौसला कम नहीं होने दिया। परिजनों के अनुसार दोनों चाचा का सपना था कि नम्रता IAS बने, बेटी ने करके भी दिखाया ।

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