रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बारिश के बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि इसके बाद तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है, हालांकि अब तक राज्य में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
रायपुर, दुर्ग और गरियाबंद में बारिश से बिगड़े हालात
पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी, गरियाबंद समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और कई नदियां उफान पर बह रही हैं। हालांकि, अब तक प्रदेश में कहीं से भी बाढ़ जैसी स्थिति की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
राजधानी रायपुर की सड़कें जलमग्न
लगातार बारिश के कारण रायपुर के टाटीबंध, प्रोफेसर कॉलोनी, परशुराम नगर और फाफाडीह जैसे निचले इलाकों में घरों के भीतर तक पानी पहुंच गया। कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित रहा। भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर घरों के बाहर खड़ी कारें भी पानी में आधी डूब गईं। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की।
दुर्ग-भिलाई में 48 घंटे से लगातार बारिश
दुर्ग और भिलाई में लगातार बारिश के चलते सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर और तालपुरी सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। दुर्ग पुलिस ने रायपुर-दुर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुम्हारी ओवरब्रिज के पास चंदनडीह में भारी जलभराव को देखते हुए यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। वहीं, निर्माण कार्य के कारण सिरसा गेट रोड बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
नदियां उफान पर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
लगातार बारिश के कारण शिवनाथ, सोंढुर और खारून सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। दुर्ग जिले के महामारा एनीकट में पानी करीब चार फीट ऊपर बह रहा है। प्रशासन और एसडीआरएफ ने लोगों से नदी और एनीकट के आसपास नहीं जाने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की गई है।
गरियाबंद और महासमुंद में SDRF ने बचाए मजदूर
गरियाबंद जिले के बिजापाल गांव के पास उफनती बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं महासमुंद जिले के जोगीडीपा गांव में पुल निर्माण स्थल के पास फंसे 14 अन्य मजदूरों को भी राहत दल ने सुरक्षित बचा लिया।
भारी बारिश की वजह क्या है?
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट से लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश हो रही है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं रायपुर, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और राजनांदगांव जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अगले दिनों कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। इसके बाद तेज बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।

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