रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोयला भंडार से राजस्थान की बिजली जरूरतों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। राज्य में कोयले की 90 लाख टन की कमी को दूर करने की तैयारी है, जिससे बिजली उत्पादन को स्थिरता मिलेगी और आने वाले समय में सप्लाई पर दबाव कम होगा। यह मात्रा इतनी बड़ी है कि इसे जयपुर शहर को डेढ़ साल तक रोशन करने जितना माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ से राजस्थान को कोयला आपूर्ति बढ़ने से थर्मल पावर प्लांटों को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होगा। इससे बिजली उत्पादन में सुधार आएगा और गर्मी तथा बढ़ती मांग के दौरान संभावित संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लगातार कोयला आपूर्ति मिलने पर उत्पादन इकाइयों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और बार-बार आने वाली कमी की समस्या कम होगी।
राजस्थान की बिजली व्यवस्था के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है। राज्य में मांग के मुकाबले आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की यह भूमिका न सिर्फ औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाएगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, कोयले की यह अतिरिक्त उपलब्धता राज्य के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है और इससे बिजली उत्पादन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

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