दुर्ग। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में संचालित "Mediation for Nation 3.0" अभियान एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभागार में समीक्षा एवं रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता के. विनोद कुजूर ने की।
बैठक में मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग के प्रभारी न्यायाधीश अनिष दुबे सहित जिला मुख्यालय में पदस्थ सभी न्यायाधीश उपस्थित रहे। इस दौरान मध्यस्थता एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों के त्वरित, कम खर्चीले और सौहार्दपूर्ण निस्तारण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
अध्यक्ष ने कहा कि "Mediation for Nation 3.0" अभियान का उद्देश्य ऐसे लंबित मामलों की पहचान करना है, जिनमें आपसी सहमति और समझौते की संभावना हो। इससे न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का बोझ कम होगा और पक्षकारों को शीघ्र एवं प्रभावी न्याय मिल सकेगा।
बैठक में न्यायालयों को निर्देश दिए गए कि समझौतायोग्य मामलों का सूक्ष्म परीक्षण कर उन्हें अधिकाधिक संख्या में मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जाए। साथ ही आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए भी ऐसे प्रकरणों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान न्यायाधीशों ने मध्यस्थता प्रक्रिया में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, अधिवक्ताओं के सहयोग, उपयुक्त मामलों के चयन, समयबद्ध रेफरल, समझौते की संभावनाओं के आकलन तथा प्रभावी समन्वय जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया। इन चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पर भी चर्चा की गई ताकि अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि "Mediation for Nation 3.0" अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता, समयबद्ध रेफरल, मध्यस्थता केन्द्रों की सक्रियता तथा सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण हो सके।

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