बीएसपी के अंदर सड़कों पर जमा पानी कर्मियों के लिए मुसीबत
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भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रमुख सड़कों पर जमा पानी दो पहिया वाहन चलाने वाले कर्मचारियों के लिए मुसीबत बना हुई है । सड़क पर बहुत ज्यादा मात्रा में बारिश का पानी इकट्ठा होने से कर्मचारी स्लिप होकर गिर रहे है।

भिलाई इस्पात संयंत्र में प्रमुख सड़कों पर जमा पानी दो पहिया वाहन चलाने वाले कर्मचारियों के लिए मुसीबत बना हुई है । सड़क पर बहुत ज्यादा मात्रा में बारिश का पानी इकट्ठा होने से कर्मचारी स्लिप होकर गिर रहे है, वही तेजी से जाते वाहन के चक्कों से उड़ने वाला पानी सड़क के ऊपर गुजरते कर्मचारियों के कपड़े गंदे हो रहे है। महारत्न कंपनी में इस अव्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

भिलाई इस्पात संयंत्र में जहां टाउनशिप की सड़कों को सजाने संवारने में लगा रहता है। वही संयंत्र के भीतर की सड़कों की बदहाली कर्मचारियों के लिए मुसीबत बनी हुई है। जहां रेलवे क्रासिंग और मोड़ों पर गड्ढे स्लिप होकर गिरने का खतरा पैदा करते हैं। वही सड़कों पर बारिश में जमा हुआ पानी कर्मचारियों के लिए मुश्किल पैदा करता है।

आटो रिपेयर शाप के सामने मोड़ पर जहां पिछले महीने सुरक्षा विभाग के एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। वही मोड़ पर सड़क बुरी तरह टूटी हुई है और गड्ढों में भरा पानी फिर नई दुर्घटना की आशंका पैदाकर रहे हैं । बावजूद फटल एक्सीडेंट की प्रबंधन ने सड़क सुधारने में कोई रुचि नहीं ली है।

सयंत्र के प्रमुख गेट बोरिया गेट में जरा सा बारिश होने पर बाहर निकलने वाले रास्ते में दोनों तरफ बहुत ज्यादा पानी भर जाता है। ऐसे में साइकिल धारक ठेका श्रमिकों को उस गंदे पानी में से पैदल गुजरते हुए जाना पड़ता है। जिससे उनके जूते और चप्पल सब गंदे हो जाते हैं। इसी तरह बाहर निकलते ही साथ भी आधे से ज्यादा सड़क में पानी भरा होता है। तेज वाहन पानी ना उड़ा दे इसलिए प्रबंधन ने ड्रम रखते वाहनों की स्पीड कम करने की जुगत लगाई है।

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