सफलता, हिंदी-यूएसए को मिली मान्यता
भिलाई : इस्पात नगरी भिलाई से अमेरिका जाकर हिंदी की सेवा कर रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक जैन और इनकी संस्था के कार्यकर्ताओं के खाते में बड़ी सफलता दर्ज हुई है। उनकी संस्था हिंदी-यूएसए को अमेरिका में एसीएस-डब्ल्यूएएससी से प्रारंभिक मान्यता मिल गई है। हिंदी यूएसए के वर्तमान संस्थापक एवं समन्वयक मयंक जैन ने अपनी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ और भिलाई वासियों से साझा करते हुए कहा कि यह सफलता हिंदी यूएसए की शैक्षणिक गुणवत्ता, संगठनात्मक उत्कृष्टता और निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे अमेरिका में हिंदी के प्रति और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा मिली है।
मयंक ने बताया कि इस सफलता के लिए अनेक कार्यकर्ताओं ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया जिनमे मुख्य रूप से संस्था प्रमुख देवेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष राज मित्तल के साथ साथ अनेक पाठशाला संचालक और सेंट लुईस से अंशु जैन, सारिका गौबा, वीणा वैद्यनाथन, मेघना लुंकड़ और निशा अक्षत शामिल हैं।
सेंट लुइस, मिसूरी में रह रहे मयंक जैन ने बताया कि उनके संस्थान हिंदी यूएसए को अमेरिका की वैधानिक और अधिकृत संस्था एक्रीडिटिंग कमीशन फॉर स्कूल्स, वेस्टर्न एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स एंड कॉलेजेस (एसीएस-डब्ल्यूएएससी) द्वारा यह मान्यता प्रदान की गई है। यह मान्यता एक विस्तृत आत्म-मूल्यांकन प्रक्रिया और डब्ल्यूएएससी की आधिकारिक निरीक्षण टीम द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद प्रदान की गई। इस प्रक्रिया में हिंदी यूएसए की शैक्षणिक संरचना, शिक्षण पद्धतियों, नेतृत्व क्षमता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का गहन मूल्यांकन किया गया।
मयंक जैन ने बताया कि उनके लिए यह लगभग दो वर्षों की यात्रा चुनौतीपूर्ण रही। शुरुआत कॉग्निया के साथ की गई थी और बाद में अपनी दीर्घकालिक शैक्षणिक दृष्टि के अनुरूप डब्ल्यूएएससी को चुना गया। इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। इस अवसर पर डब्ल्यूएएससी की निरीक्षण समिति की सदस्य एलिज़ाबेथ ओवर राइटर ने कहा कि हिंदी-यूएसए का पाठ्यक्रम अत्यंत सशक्त है और इसके शिक्षक अत्यंत प्रेरित हैं। सबसे सराहनीय बात यह है कि जो छात्र कभी यहाँ अध्ययन करते थे, वे आज स्वयं शिक्षक बनकर समाज को अपना श्रेष्ठ योगदान लौटा रहे हैं। इस मान्यता का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि अब हिंदी-यूएसए के छात्रों को सेंट लुइस सहित अमेरिका के सरकारी स्कूलों से हिंदी भाषा के विदेशी भाषा क्रेडिट प्राप्त हो सकेंगे।
हिंदी-यूएसए के बारे में
हिंदी-यूएसए समूह की स्थापना लगभग 25 वर्ष पूर्व न्यू जर्सी में देवेंद्र सिंह, रचिता सिंह और राज मित्तल ने की थी। वर्तमान में उनके प्रयासों से यह संस्था अमेरिका के 29 स्कूलों में संचालित हो रही है और देश की सबसे बड़ी गैर-लाभकारी हिंदी भाषा संस्थाओं में से एक है। भिलाई निवासी मयंक जैन एवं उनकी पत्नी अंशु जैन ने हिंदी-यूएसए सेंट लुइस शाखा की स्थापना की और इसके समन्वयक के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह संस्था एक पंजीकृत 501(सी)(3) संगठन है और वर्तमान में 4,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रही है, जिसमें 350 से अधिक स्वयंसेवी शिक्षक और समन्वयक सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

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