21वी सदी का सबसे बड़ा दिवस- मातृ पितृ पूजन दिवस- नीलू शर्मा...
त्वरित खबरे - नेहा सेंडे रिपोर्टिंग

राजनांदगांव : श्री योग वेदांत सेवा समिति एवं समस्त साधक परिवार द्वारा चिखली वार्ड में भव्य रूप से मनाया गया मातृ-पितृ पूजन दिवस । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, अध्यक्षता के रूप में पूर्व महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वार्ड पार्षद श्रुति लोकेश जैन, विधि तिवारी मोदी, डॉ. राघव वर्मा कार्यक्रम में उपस्थित हुए ।सर्वप्रथम कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया तत्पश्चात बाल संस्कार के बच्चों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गयी है । बच्चे माता-पिता को आसान में बिठाकर आरती की थाली लेकर माता-पिता की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया । यह भावविभोर दृश्य देख उपस्थित अतिथियों का हृदय गदगद हो गया ।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कार्यक्रम से भावविभोर होकर कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के कारण बच्चों में असंतोष, निराशा, चिंता बढ़ती जा रही है ऐसे में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम से निराशा से आशा की ओर, पतन से उत्थान की ओर जा रहे है और साथ ही समाज मे माता-पिता व गुरुजनों के प्रति आदर भाव बढ़ता जा रहा है । इस आयोजन की शुरुआत करने वाले पूज्य बापूजी के प्रति मैं अभार व्यक्त करता हूँ ।पूर्व महापौर हेमा सुदेश देशमुख ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भौतिकवाद के चकाचौंध में मस्त होकर अपने संस्कृति की गरिमा समझ नही पा रहे है और अपने माता-पिता की बातों को, उनके उपकारों को भूलते जा रहे है ऐसे में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम माता-पिता के उपकारों को याद दिलाती है और उनके संस्कार को जीवन में अपनाकर उन्नत होने की सीख देती है ।श्री योग वेदांत सेवा समिति राजनांदगांव के अध्यक्ष रोहित चंद्राकर व कोषाध्यक्ष टी.के.चंद्राकर ने बताया कि पूज्य संत श्री आशारामजी बापू ने पिछले 19 वर्षों से 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने की पहल की जो आज भारत सहित 200 देशों में इस दिवस को मना रहे है यह अभियान एक व्यापक रूप ले लिया है । छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस पर्व की सराहना करते हुए प्रतिवर्ष इसे मनाने की घोषणा की है।बाल संस्कार विभाग व युवा सेवा संघ के प्रमुख संजय साहू ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया आज चिखली के राजमाता मैदान में पूरे वार्डवासियों के साहयोग से इस सुंदर कार्यक्रम का आयोजन किया गया । बच्चों ने माता-पिता को आसन पर बिठाकर फूल-मालाएँ पहनायीं, तिलक किया और हाथों में पूजा की थाली लेकर पूजा-अर्चना की । फिर माता-पिता ने बच्चों को हृदय से लगा लिया और शुभ आशीष दी । विधिवत हुए इस पूजन कार्यक्रम की उपस्थित लोगों के हृदय से स्वीकारा की ऐसे दिन को बड़े भव्यता के साथ सभी को करना चाहिए । भारतीय परम्परा की इस झलक को देखकर माता-पिता सहित उपस्थित अन्य लोगों की भी आँखें गीली हो गयीं । कार्यक्रम में उपस्थित मान्यवरों ने श्री योग वेदांत सेवा समिति के इस सुंदर पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की ।इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से योगेंद्र साहू, टहलु राम साहू, प्रवीण चक्रधारी, जीत साहू, भोजेस्वर साहू, गोपीचंद महोबिया, प्रह्लाद विश्वकर्मा, एरिना चंद्रवंशी, सरिता चक्रधारी, तृप्ति वैष्णव, उषा साहू, पूजा साहू, पायल यादव, खेमचंद निषाद, डेहरिन निषाद, उषा प्रजापति, मनोज शुक्ला का सहयोग रहा।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations