ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरा डंप करने की मनाही, इसके लिए पर्यावरण विभाग को हलफनामा दिया फिर भी हर रोज 400 टन से ज्यादा कचरा डाल रहे
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भिलाई शहर में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही। राज्य व केंद्र सरकार को गलत जानकारी भेजकर धोखे में रखा जा रहा। ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा डंप किए जाने की पूरी तरह से मनाही है। हर रोज भिलाई शहर से निकलने वाला 400 टन से ज्यादा कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंच रहा। पर्यावरण मंडल को भिलाई निगम ने एक हलफनामा भी दिया है, जिसमें ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा नहीं डालने की बात कही गई है। एसएलआरएम में सेग्रिगेशन किया जा रहा। सेंटर में सेग्रिगेशन को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

वर्ष 2018 को जारी हुआ आदेश, ट्रेंचिंग ग्राउंड के कचरे का होना है डिस्पोजल
एनजीटी की लगातार एडवाइजरी व निर्देश के बाद शासन ने ट्रेंचिंग ग्राउंड को समाप्त करने का आदेश जारी किया। आदेश वर्ष 2018 में जारी हुआ। इसके तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की गाइडलाइन तय की गई। इसके अनुसार कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड में डंप नहीं किया जाना है। दावा किया कि वे कचरे का सेग्रिगेशन (प्रसंस्करण) करेंगे। बॉयोगैस, खाद व वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग डामर की सड़क बनाने करेंगे। रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों में इसके तहत 65 एकड़ में सेग्रिगेशन प्लांट तक लगाया गया, लेकिन दुर्ग और भिलाई में प्लांट अब तक शुरू नहीं हो पाया।

एसएलआरएम सेंटरों में खानापूर्ति, नहीं बन रहा खाद

तीन माह से तौल वाली मशीन खराब
एसआरएलएम सेंटरों में पहुंचने वाले कचरे के वजन अनुसार ठेकेदार को भुगतान होना है। लेकिन ग्राउंड पर नेहरू नगर के एसएलआरएम सेंटर में लगी वजन मशीन पिछले 3 महीने से खराब है। अनुमान के तौर पर यहां वजन की इंट्री की जा रही है। इस प्रकार सेंटर में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है, मानिटरिंग नहीं हो रही है।

दो महीने हो गए, बेलन मशीन चली नहीं
बैकुंठधाम में बने एसएलआरएम सेंटर में दो महीने पहले नागपुर से मंगाकर एक बेलन मशीन भेजी गई है। अब तक बिजली की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। मशीन के बंद रहने से झिल्ली-पन्नी को प्रेस कर उपयोग में लाने का काम होना है, लेकिन अब तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है।

एसएलआरएम सेंटर से ही ट्रेंचिंग ग्राउंड भेज रहे
खुर्सीपार में बने एसएलआरएम सेंटर से कचरा बिना सेग्रिगेट किए ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जा रहा है। दिखावे के लिए यहां रिक्शों से कुछ कचरा रख लेते हैं। शेष को निगम के ही ट्रक से बिना सेग्रिगेशन ट्रेंचिंग ग्राउंड भेज रहे हैं। उस ट्रक से जिसे सेग्रिगेशन में यूज करना है। उसका उपयोग कचरा को ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाने में किया जा रहा है। निगम कर्मी भी इस काम में लगाए गए हैं।

बाजार का कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड अभी भेज रहे हैं
बाजारों से निकलने वाला कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड में भेज रहे हैं। घर से निकलने वाला कचरा हमारे एसएलआरएम सेंटर में सेग्रिगेट किया जाता है। एसएलआरएम सेंटर ठेके पर संचालित है।
-प्रकाश सर्वे, आयुक्त, भिलाई निगम

ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा का फेंका जाना प्रतिबंधित
निगम को ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा फेंकने की मनाही है। एनजीटी के निदेशों का यह सीधे तौर पर उल्लंघन है। वहां कचार नहीं डालने का उन्होंने हमें हलफनामा भी दिया है। कार्रवाई होगी।

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