पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता, आम जनता पर महंगाई की नई मार
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दामों में 9 दिनों के भीतर तीसरी बार इजाफा होने से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई इस नई बढ़ोतरी के बाद आम नागरिकों से लेकर व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों तक में नाराजगी देखी जा रही है।

तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में प्रति लीटर कुछ पैसे से लेकर एक रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय शुल्क के अनुसार अलग हो सकती है, लेकिन इसका असर लगभग पूरे देश में महसूस किया जा रहा है। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी लोग बढ़ती कीमतों से परेशान हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी के कारण तेल कंपनियां लगातार कीमतों में बदलाव कर रही हैं। इसके अलावा वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याओं का असर भी ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें भी महंगी हो जाती हैं।

पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सबसे ज्यादा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से फल-सब्जियों, खाद्यान्न, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने लगती है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बजट पर पड़ता है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह नई बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ बन गई है।

दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाने वाले लोग भी लगातार बढ़ते खर्च से परेशान हैं। नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि हर महीने पेट्रोल पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि आमदनी में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हो रही। वहीं टैक्सी, ऑटो और मालवाहक वाहन चालकों ने भी चिंता जताई है कि ईंधन महंगा होने से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

विपक्षी दलों ने भी ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती करनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर कोई बड़ी राहत की घोषणा नहीं की गई है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। ऐसे में आम लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ना तय माना जा रहा है। फिलहाल देशभर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द कोई ऐसा कदम उठाए जिससे ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण हो सके और जनता को राहत मिल सके।

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