तीसरी  लहर आई तो शास्त्री अस्पताल में भी भर्ती किए जाएंगे कोरोना मरीज, निर्देश जारी
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कोराना की तीसरी लहर आई तो लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला में भी कोरोना के मरीजों को भर्ती किया जाएगा। उनका इलाज किया जाएगा। निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने रविवार को अस्पताल की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में लगे 500 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट को देखा।

इसके बाद ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर संचालित वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट से अस्पताल के वार्डों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति को भी समझा। प्रभारी डॉ. पियाम सिंह को ग्राउंड मरीजों के इलाज के लिए अप-टू-डेट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से अस्पताल में सभी इंतजाम किए गए हैं। आयुक्त सर्वे ने अस्पताल में सभी जरुरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। पहली व दूसरी लहर के दौरान मरीजों को दिक्कत हुई थी।

जांच किट व अन्य उपकरण की लाने के दिए गए निर्देश
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में ही कोरोना की जांच के लिए ट्रू-नॉट लैब भी है। इसलिए प्रभारी को उसमें इस्तेमाल होने वाली जांच किट और अन्य संबंधित उपकरण मंगाने को कहा। सर्वे ने अस्पताल के लैब का भी मुआयना कर जांच प्रक्रिया को समझा।

रोशनी के लिए हाई-मास्क लाइट लगाने के निर्देश
भिलाई का प्रमुख सरकारी अस्पताल होने के नाते आयुक्त ने एक-एक सुविधाओं को जानकारी ली। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए। रोशनी के लिए हाई-मास्क लाइटें लगाने को कहा। अभी जितनी लाइटें अस्पताल में वे अपर्याप्त हैं।

कचांदुर अस्पताल के बाद सुपेला हॉस्पि. का उपयोग
कोविड मरीजों के इलाज के लिए 650 बेड का अस्पताल कचांदुर में बनाया गया है। इस अस्पताल के भरने के बाद भी लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल का इस्तेमाल करेंगे। उसके खाली रहने तक यहां संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा। ताकि बेहतर इलाज उन्हें उपलब्ध हो सके।

इंतजाम देखा, आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए
कोरोना के भर्ती मरीजों को सांस में तकलीफ ज्यादा हो रही थी, इसलिए हमने इस बार ऑक्सीजन की आपूर्ति पर फोकस किया है। शास्त्री अस्पताल में फिलहाल 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लग गया है। सभी जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

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