सफाई बेपटरी: टाउनशिप में कचरा उठाने की नई व्यवस्था फेल, हर रोज 40 टन कचरा निकल रहा, उठ रहा सिर्फ 20 टन...
त्वरित खबरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरो

बीएसपी टाउनशिप में चार महीने बाद भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी है। प्रबंधन ने 5 जून से नई व्यवस्था लागू भले ही कर दी है लेकिन अव्यवस्था बनी हुई है। डिमांड के आधे से भी कम वाहन लगाए जाने के कारण हर रोज 40 टन में से आधा यानी 20 टन कचरा ही उठ पा रहा है।

जिसके कारण ज्यादातर सेक्टर्स के चौक-चौराहों पर कचरा बिखरा पड़ा है। कई स्थानों पर तो ठेकेदार के आदमी कचरा उठाने की बजाए वहीं जला रहे हैं। इससे टाउनशिप निवासियों के स्वास्थ के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बढ़ गई है।

टाउनशिप में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र के निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। पहले तो पुरानी एजेंसियों की कांट्रेक्ट की अवधि समाप्त होने के बाद नई एजेंसियों के लिए टेंडर प्रक्रिया की गई।

बेहतर होता ही पुरानी एजेंसियों का ठेका समाप्त होने के बाद ही इस काम कर कर लिया जाता। देरी से नया टेंडर प्रक्रिया की गई उसे भी पूरा होने में लंबा समय लगा। इसमें भी कचरा कलेक्शन के लिए घर-घर से वाहन ले जाने की नई व्यवस्था से नई एजेंसियों को वाहन की व्यवस्था करने में अब समय लग रहा है। नतीजा चार महीने बेपटरी हुई टाउनशिप की सफाई व्यवस्था अब तक पटरी पर नहीं लौटी है। बता दें कि टाउनशिप में 31 हजार घर और दुकान हैं।

6 जोन की सफाई के लिए अलग-अलग एजेंसियां तय की

नई व्यवस्था के तहत टाउनशिप में इस बार सफाई का ठेका 3 वर्षों के लिए दिया गया है। प्रक्रिया में 28 एजेंसियों ने भाग लिया। इनमें से 6 एजेंसियों को टाउनशिप के 6 जोन में कचरा कलेक्शन का काम अवार्ड किया गया है। एल-1 एजेंसी को 35 फीसदी, एल-2 को 25 फीसदी और एल-3 को 20 फीसदी और शेष तीन एजेंसियों को 10-10 फीसदी काम दिया गया है। रिक्शा खरीदने के लिए उन्हें 15 दिनों का समय दिया गया लेकिन महीने बीतने के बाद भी वे डिमांड मुताबिक रिक्शा उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।

वाहन नहीं पहुंचने से नहीं हो रहा कचरे का उठाव

डिमांड से कम वाहन लगाए जाने का असर टाउनशिप की सफाई व्यवस्था पर पड़ने लगा है। ज्यादातर सेक्टर्स के अंदरूनी हिस्से के चौक-चौराहों पर कचरे का ढेर लगा हुआ है। सेक्टर 2, सड़क 14 निवासी अमन तिवारी का कहना है कि वे सेकंड फ्लोर में रहते हैं। कचरा कलेक्शन के लिए कोई नहीं आ रहा। उसी सेक्टर में सड़क 6 के निवासी सुनिल सिंह बताते हैं कि कचरा कलेक्शन के लिए सफाई कर्मी घर नहीं आ रहे। इसलिए पास के एक ठिकाने में कचरा डालना पड़ रहा है। पहले तो वहां से सफाई कर्मी कचरा उठा लेते थे लेकिन अब वैसा नहीं हो रहा। इसके चलते टाउनशिप में जगह-जगह कचरा डंप है।

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आधे-अधूरे वाहन लगाने से लग रहा कचरे का ढेर, इससे बदबू भी उठ रही

सेक्टर 4 के पार्षद राजेश चौधरी का कहना है कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए जितने वाहन लगने चाहिए नहीं लगाए जा रहे हैं। जिसके कारण टाउनशिप में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। उनके ही जोन में कचरा कलेक्शन के लिए रिक्शा तो आ गया है लेकिन काम पर नहीं लगाया गया है। जहां रिक्शा या अन्य वाहन लगाए गए हैं, वहां भी एक या दो दिन की आड़ में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है। जिसके कारण वहां भी सफाई की स्थिति खराब है। बारिश का सीजन नजदीक है बैक लाइन की सफाई नहीं की गई है।

180 वाहन लगाए जाने हैं पर फील्ड में 115 वाहन ही कचरा उठा रहे
टाउनशिप में हर रोज करीब 40 टन कचरा तैयार होता है। इन्हें घर-घर जाकर कलेक्शन करने के लिए 180 रिक्शा की जरूरत होती है। लेकिन अभी तक केवल 35 रिक्शे ही फिल्ड पर कचरा उठाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा रिक्शा उपलब्ध नहीं होने के कारण 20 छोटा हाथी और 10 ई रिक्शा को भी डोर टू डोर कलेक्शन के लिए लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक 115 वाहनों से कचरा उठाने का काम किया जा रहा है। इसकी वजह से दिक्कत बनी हुई है |

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