रिसाली में बुजुर्गों के खाते से फर्जी निकासी, आरोपी महिला न्यायिक रिमांड पर जेल भेजी गई
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

दुर्ग, जिले के थाना नेवई क्षेत्र में बुजुर्ग दंपत्ति के साथ विश्वासघात और बैंक खाते से अवैध राशि निकासी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुजुर्गों की देखरेख करने वाली केयर टेकर महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा और बैंकिंग जानकारी को लेकर परिवारों को कितनी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

प्रार्थी द्वारा 17 मई 2026 को थाना नेवई पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनके वृद्ध माता-पिता के संयुक्त बैंक खाते की देखभाल करने वाली केयर टेकर महिला ने विश्वास का फायदा उठाकर बिना जानकारी के खाते से 40 हजार 85 रुपये की राशि निकाल ली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी महिला द्वारा अन्य वित्तीय लेनदेन और राशि निकासी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की।

प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी महिला की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के निवास स्थान की जानकारी मिली, जहां टीम ने पहुंचकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपिया स्मिता बरगटे ने बुजुर्ग दंपत्ति के बैंक खाते से राशि निकालने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला बुजुर्ग दंपत्ति की देखभाल और बैंकिंग कार्यों में मदद करने के नाम पर उनके काफी करीब आ गई थी। इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने बैंक खाते और वित्तीय जानकारी का दुरुपयोग किया। आरोपी ने बिना जानकारी दिए खाते से पैसे निकाल लिए, जिससे बुजुर्ग दंपत्ति आर्थिक रूप से प्रभावित हुए। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो आगे और बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती थी।

पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 18 मई 2026 को आरोपी स्मिता बरगटे, उम्र 44 वर्ष, निवासी रिसाली सेक्टर, थाना नेवई, जिला दुर्ग को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड प्राप्त होने पर उसे केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। मामले में पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और संबंधित दस्तावेजी साक्ष्यों को जब्त किया है, जिनकी जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई में थाना नेवई पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निरीक्षक अनिल साहू के नेतृत्व में सउनि निगम प्रसाद पात्रे, प्रधान आरक्षक नंदलाल सिंह, आरक्षक रवि बिसाई, प्यावरे लाल साहू, देवप्रकाश वर्मा और महिला आरक्षक कीर्ति साहू ने जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बुजुर्गों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार के आर्थिक अपराध को रोका जा सके।

दुर्ग पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बुजुर्ग परिजनों के बैंक खातों, एटीएम कार्ड, मोबाइल बैंकिंग और वित्तीय दस्तावेजों की जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा करते समय विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध बैंकिंग गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस या बैंक अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।

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