बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, अमित शाह के साथ सीएम योगी भी पहुंचे
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

छत्तीसगढ़ ,के जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के साथ चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस अहम बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की मौजूदगी ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खास चर्चा बटोरी। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पहली बार इस स्तर की परिषद बैठक आयोजित होना अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

जगदलपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाना और विकास से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति तैयार करना था। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा भी की और कहा कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। शाह ने यह भी कहा कि राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और सूचना साझा करने की व्यवस्था से अपराध और उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने राज्यों के बीच आपसी सहयोग और तकनीक आधारित सुरक्षा तंत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। योगी ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों को सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर मिलकर काम करना होगा, तभी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। उनकी मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बस्तर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय नेताओं का जमावड़ा देखने को मिला।

जगदलपुर में बैठक को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। एयरपोर्ट, होटल और बैठक स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ स्थानीय पुलिस ने भी सुरक्षा की कमान संभाली। शहर में कई जगह चेकिंग अभियान चलाए गए और आम लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई। प्रशासन ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष तैयारियां की थीं।

बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद और अशांति के कारण सुर्खियों में रहा है, लेकिन अब यहां राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों और बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे बस्तर की नई पहचान बनेगी और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। व्यापार, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद भी लोगों में बढ़ी है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक केवल औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में बड़ा कदम है। बस्तर में इस बैठक के आयोजन से यह संदेश भी देने की कोशिश की गई है कि अब यह क्षेत्र विकास और शांति की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इस बैठक के निर्णयों का असर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की रणनीति और विकास योजनाओं पर भी देखने को मिल सकता है।

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