छत्तीसगढ़ ,के राजनांदगांव में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बने नए ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद करीब 70 फीट लंबी दरार आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस ओवरब्रिज का लोकार्पण महज 15 दिन पहले ही किया गया था।
जानकारी के अनुसार, पहली तेज बारिश के बाद ओवरब्रिज के एक हिस्से में लंबी दरार दिखाई दी, जिससे पुल दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आने लगा। दरार की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाना निर्माण कार्य में लापरवाही और गुणवत्ता की कमी को दर्शाता है।
मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर यातायात को नियंत्रित करने के साथ तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर दरार के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दरार तकनीकी खामी, निर्माण में लापरवाही या किसी अन्य कारण से आई है। वहीं, इस घटना ने प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

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