PM विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना से मिलेगा 164 से ज्यादा जातियों को लाभः पवन निर्मलकर
त्वरित ख़बरें - राजनांदगांव संवादाता

पारंपरिक व्यवसाय करने वाले पिछड़ा वर्ग जाति तथा महिलाओं को मिलेगा लाभ....

राजनांदगांव - जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष पवन निर्मलकर ने अपने एक बयान में कहा कि पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की घोषणा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने अपने 2023-2024 के बजट भाषण के दौरान की थी।

15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की सौगात पूरे देश के कारीगर व शिल्पकारों को दी। जिस पर 16 अगस्त को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल की बैठक में पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी गयी है। भारत सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना के सरल कार्यान्वयन के लिए 13 हजार करोड़ के बजट का प्रावधान रखा है।  निर्मलकर ने बताया कि यह योजना विभिन्न नामों से जाना जाता है जैसे पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम विकास योजना, पीएम विश्वकर्मा स्कीम, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना आदि। यह योजना समस्त भारत में विश्वकर्मा जयंती के दिन 17 सितम्बर 2023 से लागू होगा। इस दिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और इसी दिन ही विश्वकर्मा जयंती भी है।

योजना शुरू करने मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को सहायता प्रदान कर उनके व्यवसाय में बढ़ोतरी कराना है। सभी पात्र शिल्पकार और कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज की दर पर प्रदान किया जायेगा। अगर लाभार्थी द्वारा लिए गए ऋण को समयवधि में वापस कर दिया जाता है तो लाभार्थी पुनः से पीएम विश्वकर्मा योजना में 2 लाख रूपये तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज की दर से प्राप्त कर सकता है।

 निर्मलकर ने योजना के बारे में बताया कि ऋण एक अलावा इच्छुक शिल्पकार और कारीगरों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण भी पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना में दिया जायेगा। कौशल प्रशिक्षण के दौरान चुने गए लाभार्थियों को 500/- रूपये प्रति दिन का स्टायपेंड भी दिया जायेगा। इसके अलावा शिल्पकार और कारीगरों को 15,000/- रूपये की धनराशि उन्नत किस्म के औज़ार खरीदने के लिए भी पीएम विकास योजना में प्रदान किये जायेंगे। भारत सरकार द्वारा लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी प्रदान किया जायेगा।

योजना में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। जैसे कारपेंटर। (सुथार), नाव बनाने वाले। (बोट मेकर), अस्त्र बनाने वाले। (आरमोरर), लोहार। (ब्लैकस्मिथ), ताला बनाने वाले। (लॉकस्मिथ), हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले। (हैमर और टूलकिट मेकर), सुनार। (गोल्डस्मिथ), कुम्हार। (पॉटर), मूर्तिकार। (स्कल्पटर), मोची। (कॉबलर, शूस्मिथ)

राजमिस्त्री। (मेसन), डलिया, चटाई, झाड़ू बनाने वाले। (कोईर, मैट, ब्रूम मेकर), गुड़िया और खिलौने बनाने वाले। (डॉल एंड टॉय मेकर), नाई। (बार्बर), मालाकार। (गारलैंड मेकर), धोबी। (वाशरमैन), दर्ज़ी। (टेलर), मछली का जाल बनाने वाले। (फिशिंग नेट मेकर) आदि। इस योजना में 164 से ज़्यादा जातियों के 30 लाख परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।

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