गरियाबंद :-केंद्र सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान एवं उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए संचालित प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान अंतर्गत जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्य भी लाभान्वित होंगे। योजना का उद्देश्य पीवीटीजी परिवारों तक बिजली, पानी, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण की बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है। साथ ही उनके बस्तियों तक सड़क, दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थाई आजीविका के अवसर भी विकसित करना है। इसी तारतम्य में पीएम जनमन योजना अंतर्गत गरियाबंद जिले के 4 विकासखंडों के 250 गांव में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्य लक्षित किए गए है। लक्षित परिवारों को पक्के मकान का लाभ दिया जायेगा। हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए 3 किश्तों में राशि दिया जाएगा। योजना अंतर्गत 2 लाख रुपए आवास हेतु, शौचालय के लिए 12 हजार रुपए और मनरेगा से 90-95 मानव दिवस का भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार कुल 2 लाख 39 हजार रुपए इकाई लागत से प्रत्येक हितग्राही लाभान्वित होंगे। योजना अंतर्गत अभी तक आवास सुविधा से वंचित विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्यों को लाभांवित किया जाएगा। पीवीटीजी हितग्राहियों को लाभ दिलाने प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत सर्वे प्रारंभ हो चुका है। सर्वे कार्य 5 जनवरी तक पूर्ण किया जाना है।
पीएम जनमन अभियान के तहत निर्धारित 11 बिंदुओं के प्रारूप के आधार पर जमीनी स्तर पर सर्वे कर विशेष पिछड़ी जनजातियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले पीवीटीजी के विकास के लिए सरकार की यह एक विशाल पहल है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) विशेष रूप से कमजोर ऐसे जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) का विकास करना है, जो विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों की योजनाओं से छूट गए हैं। यह 9 प्रमुख मंत्रालयों से संबंधित 11 महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करता है। जनजातीय आवास पीएम जनमन के तहत ध्यान दिए जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। जिससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति सदस्यों को सीधे लाभ मिलेगा।

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