पाकिस्तान की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक: 11 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत, तालिबान ने एयरस्पेस उल्लंघन का आरोप लगाया
त्वरित खबरे ; हर्ष कुमार गुप्ता

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने उसके क्षेत्र में हवाई हमले किए, जिनमें 11 बच्चों सहित कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 महिलाएं और अन्य नागरिक घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन के अनुसार यह हमला अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में किया गया, जहां कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया।

तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि मारे गए लोगों में अधिकांश बच्चे थे और हमले में एक महिला तथा एक बुजुर्ग व्यक्ति की भी जान गई। उनके अनुसार यह कार्रवाई अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है। तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर बिना अनुमति उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने और नागरिक आबादी को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। 

हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हवाई हमलों की तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह घटना ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की सीमा के भीतर मौजूद उग्रवादी संगठन, विशेषकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), उसके सुरक्षा बलों और नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। वहीं तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, हवाई हमलों से प्रभावित क्षेत्रों में कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंचकर घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा रहे हैं। नागरिक हताहतों की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी चिंता व्यक्त की है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।

तालिबान प्रशासन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। अफगान विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

इस ताजा घटना ने एक बार फिर अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में मौजूद गहरे अविश्वास को उजागर कर दिया है। सीमा पार सैन्य कार्रवाइयों और आतंकवाद के आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास यह तय करेंगे कि यह तनाव बातचीत की दिशा में बढ़ेगा या फिर क्षेत्र में संघर्ष और गहरा होगा।

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