नि:शुल्क पंचगव्य चिकित्सा परामर्श शिविर द्वारा जटिल रोगों का उपचार
त्वरित खबरे : छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य स्तरीय पंचगव्य चिकित्सक सम्मेलन का आयोजन आज

राजनांदगांव 28  जून 2022।

छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य स्तरीय पंचगव्य चिकित्सक सम्मेलन  के साथ ही नि:शुल्क पंचगव्य चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन 28 जून 2022 को संस्कारधानी राजनांदगांव के गौरव पथ रोड बसंतपुर स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में किया जाएगा। कार्यक्रम में पंचगव्य विद्यापीठ्म कांचीपुरम तमिलनाडु के गुरूकुलपति डॉ. निरंजन वर्मा द्वारा विशेष व्याख्यान दिया जाएगा। नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर में विभिन्न प्रदेशों के साथ ही छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के गव्यसिद्धों (पंचगव्य चिकित्सक) द्वारा पंचगव्य चिकित्सकीय परामर्श दिया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तरप्रदेश, ओडि़सा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, बिहार से भी गव्यसिद्धों (पंचगव्य चिकित्सक) शामिल होंगे। जिसमें असाध्य एवं जटिल रोग जैसे कैंसर, सोरायसिस, माईग्रेन, मधुमेय, उच्चरक्त चाप, प्रजनन से संबंधित समस्या, शरीर के गाठ, आंखों की समस्या, हड्डियों की समस्या, पेट की समस्या सहित अन्य पुराने ठीक न हो रहे रोगों का गौमाता के गव्यों द्वारा उपचारित किया जाएगा।

कार्यक्रम के संयोजक गौरक्षा अनुसंधान केन्द्र लीटिया राजनांदगांव के आर्य प्रमोद ने बताया कि छत्तीसगढ़ पंचगव्य डॉक्टर असोसिएशन के तत्वधान में प्रदेश में पहली बार पंचगव्य चिकित्सक सम्मेलन का आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता पंचगव्य विद्यापीठ्म कांचीपुरम तमिलनाडु के गुरूकुलपति डॉ. निरंजन वर्मा पिछले 20 वर्षों से गाय के पंचगव्य पर शोध कार्य कर रहे हैं। पूरे भारत में 50 से अधिक गुरूकुलों की स्थापना उनके द्वारा की गई है। गोमाता आधारित पंचगव्य चिकित्सा को आधिकारिक मान्यता दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में डॉ. निरंजन वर्मा का पहली बार आगमन हो रहा है। इस कार्यक्रम के विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए देश व प्रदेश से गौरक्षा से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है। आयोजक समिति द्वारा नगरवासियों को कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया गया है। 

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