मुख्यमंत्री ने किया निक्षय बस्तर सघन टीबी सर्वे अभियान का शुभारम्भ
त्वरित खबरें/ बस्तर संवाददाता
'निक्षय बस्तर एप्लिकेशन' से होगा सघन टीबी सर्वे अभियान

टीबी मरीजों को खोजने को 1.85 लाख घरों का होगा सर्वे

टीबी मितान करेंगे मरीजों की काउंसलिंग एवं सहायता

जगदलपुर, 7 अक्टूबर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बस्तर जिले में टीबी को मिटाने के लिए मुख्यमंत्री ने "निक्षय बस्तर- सघन टीबी सर्वे अभियान" का शुभारम्भ किया। इसके लिये युवोदय की 70 टीबी टीम अभियान के दौरान घर घर जाकर सर्वे करते हुए लक्षण वाले मरीजों की पहचान करेंगे। वहीं 14 टीबी मितान लक्षण वाले मरीजों की काउंसलिंग कर उपचार सम्बन्धी सहायता करेंगे। गाँव मे जीपीएस मोड में सर्वे करने और रियल टाइम डाटा एंट्री के लिये 'निक्षय बस्तर एप्प' का प्रयोग किया जाएगा।



चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के.चतुर्वेदी ने बताया: “डोर टू डोर होने वाले सर्वे में इस बार 'निक्षय बस्तर एप्लिकेशन' का प्रयोग किया जाएगा। जिले वासियों से अपील है कि टीबी की नि:शुल्क जांच अवश्य कराएं। यह जाँच अत्यधिक आधुनिक मशीन (ट्रूनॉट) से बलगम के माध्यम से होती है। टीबी की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग की द्वारा डाट्स पद्धति से नि:शुल्क उपचार किया जाता है। क्षय रोग से अब घबराने की नहीं बल्कि समय रहते जांच और उपचार कराने की जरूरत है। नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।"



जिला टीबी उन्न्मूलन अधिकारी सी.आर.मैत्री ने बताया: “जिले में अक्टूबर से जनवरी 2023 तक एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सर्वे दल द्वारा 1.85 लाख घरों का सर्वे होगा। जिलेवासियों से अपील है कि, सर्वे के दौरान टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक का लक्ष्य तय किया है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश को वर्ष 2023 तक टीबी से मुक्त करने का बीड़ा उठाया है।"



आगे उन्होंने बताया: "तीन सप्ताह या अधिक समय खांसी, लंबे समय से बुखार और शाम के दौरान बुखार का बढ़ जाना, सांस फूलना, लगातार वजन घटने, सीने में दर्द, बलगम के साथ खून आना, बार बार लूज मोशन होने की स्थितियों में टीबी का जांच अवश्य करवाना चाहिए। वहीं पहले से इलाज करवा रहे मरीज नियमित रूप से दवा का पूरा सेवन करें।"



जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा ने बताया: " निक्षय बस्तर अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए टीबी के संभावित मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए स्थानीय गांव के जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन दीदी, राजीव युवा मितान और स्वयं सहायता समूह को कार्यक्रम में शामिल कर उनका सहयोग लिया जाएगा।

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