जिला पंचायत सीईओ ने किया वन स्टॉप फैसलिटि सेंटर का शुभारंभ
त्वरित खबरे - योजना के लिए 3 विकासखंड राजनांदगांव, डोंगरगांव
एवं डोंगरगढ़ चयनित
- समूह की महिलाओं को व्यवसाय करने के लिए दिया जाएगा वित्तीय सहयोग एवं प्रशिक्षण

राजनांदगांव 07 जून 2022। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  लोकेश चंद्राकर ने आज कौशल विकास कार्यालय में वन स्टॉप फैसलिटि सेंटर का शुभारंभ किया। जिला पंचायत सीईओ  चंद्राकर ने कहा कि इस योजना से महिला स्वसहायता समूह को लाभ मिलेगा। इस योजना के लिए 3 विकासखंड राजनांदगांव, डोंगरगांव एवं डोंगरगढ़ चयनित किया गया है। समूह की महिलाओं को व्यवसाय करने के लिए प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। इसके लिए बैंक एवं उद्योग से समन्वय करते हुए प्रशिक्षण दिलवाएं। जिले के स्वसहायता समूह की महिलाएं बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं और वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण करते हुए 20 करोड़ रूपए का व्यवसाय कर उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस योजना से एक प्लेटफार्म मिलने पर इसका सुखद परिणाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के साथ ही आजीविका संवर्धन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाए सुदृढ हो तो परिवर्तन दिखाई देता है। इस योजना का लाभ उठाते हुए बेहतरीन कार्य करें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ने बेस्ट प्रोफार्मिंग एचीवमेंट के लिए श्रीमती पार्वती को सम्मानित किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डीपीएम  उमेश तिवारी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से लघु उद्यमियों को जोड़ा जा रहा है और उन्हें उद्यम के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर सर्व डीपीएम एवं बीपीएम  सुशील श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ओएसएफ के अंतर्गत व्यवसाय के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएगी। मौजूदा नैनो-उद्यमों को विकास की पटरी पर बिजनेस डेवलपमेंट सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। कुछ नए उद्यमों का भी समर्थन किया जाएगा, जिनमें बढऩे की क्षमता है। प्रत्येक ओएसएफ अंतर्गत कम से कम दो और अधिकतम चार ब्लॉक को सपोर्ट किया जाएगा। नए उद्यमों के लिए व्यावसायिक विचार और मौजूदा उद्यमों के लिए विकास की अवधारणा, व्यवसायों को शुरू करने और विकसित करने के लिए हैंडहोल्डिंग सपोर्ट, बिजनेस प्लान तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्यम स्थापित करने, चलाने और विकसित करने में सुविधा प्रदान करना, उद्यमी प्रशिक्षण, बाजार और व्यापार लिंकेज, परामर्शकर्ता, बैंकों जैसे औपचारिक संस्थानों से वित्त प्राप्त करने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। प्रौद्योगिकी और कौशल तक पहुंच, नियामक अनुपालन उद्यम आधार पंजीयन, सोसायटी एक्ट पंजीयन,  जीएसटी पंजीयन, पैन कार्ड बनाने जैसे कार्य आसान होंगे। बाजार आसूचना, अन्य मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं के साथ जुड़ाव तथा पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग का कार्य भी किया जाए

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