इस नवरात्र होंगे मां महामाया के दर्शन:वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य, दूसरे शहर के लोग नहीं कर सकेंगे बम्लेश्वरी की पदयात्रा;
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित मां महामाया के दर्शन इस बार हो सकेंगे। मंदिर कमेटी ने इस संबंध में फैसला लिया है, लेकिन इसके लिए कड़ाई से कोविड नियमों का पालन करना होगा। खासकर मंदिर दर्शन करने वाले लोगों को वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा। वहीं राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए दूसरे शहर के लोग पैदल यात्रा नहीं कर सकेंगे। नवरात्र को लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) और कोरिया जिले के लिए भी गाइडलाइन जारी की गई है। जिसके तहत इन दोनों ही जिलों में इस बार माता का भंडारा आयोजित नहीं किया जाएगा।

मां महामाया मंदिर दर्शन के लिए मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर और मैनेजिंग ट्रस्टी सुनील सोनथलिया ने आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि दर्शन के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा। यदि किसी भक्त के पास सर्टिफिकेट नहीं है तो वे कोरोना की RTPCR निगेटिव रिपोर्ट भी दिखा सकते हैं।

सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक होंगे दर्शन

आदेश में कहा गया है कि श्रद्धालु मंदिर में माला, प्रसाद आदि निर्धारित स्थान में जमा कर काउंटर से प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे। नवरात्र में सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक मां महामाया के दर्शन होंगे। सप्तमी के दिन भी रात 10 बजे तक ही दर्शन हो सकेंगे। यहां भी मंदिर समिति ने भक्तों से पदयात्रा नहीं करने की अपील की है। वहीं भंडारा, जगराता जैसे कार्यक्रम भी मंदिर में आयोजित नहीं किए जाएंंगे।

मां बम्लेश्वरी के लिए पदयात्रा करने वालों के लिए दुर्ग प्रशासन ने एक आदेश जारी किया है। इसमें बताया गया है कि इस बार दूसरे शहर से आने वाले भक्तों के लिए पैदल यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। दुर्ग होकर जाने वाले श्रद्धालु वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, 72 घंटे पहले कराई गई कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट के साथ ही डोंगरगढ़ की ओर वाहन से ही प्रस्थान कर सकेंगे। 10 दिन पहले ही गाइडलाइन जारी कर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि मां बम्लेश्वरी के दर्शन श्रद्धालु इस नवरात्र कर सकेंगे। इसके लिए ऐप से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।

गाइडलाइन में ये थे प्रतिबंध

  • मां बम्लेश्वरी मंदिर में परंपरागत रूप से माता की पूजा-अर्चना नहीं की जाएगी, केवल दर्शन की अनुमति होगी।
  • मां बम्लेश्वरी मंदिर के 10 किमी पहले मुरमुंदा, चिचोला और अन्य डोंगरगढ़ आने वाले रास्तों में चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे।
  • सभी दर्शनार्थियों को कोविड जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। टीके के दोनों डोज लगवाएं हैं, उनको सर्टिफिकेट जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी।
  • मां बम्लेश्वरी मंदिर दर्शन के लिए ऐप तैयार किया जाएगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
  • रेल यात्रियों को रेलवे स्टेशन से कोविड-19 जांच के बाद ही आने की अनुमति होगी

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