शहर में सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए भिलाई निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने 66 व 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट का दौरा किया। उन्होंने फिल्टर बेड, फ्रैक्यूलेटर, एरीएशन चेंबर, वॉश वॉटर एवं जल शोधन संयंत्र के अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। इसके अलावा पानी शुद्धता और टर्बिडिटी की जांच अपनी उपस्थिति में कराई।
आयुक्त ने पूर्व में बनाए गए रिसाइकिलिंग प्लांट की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इसे उपयोग में लाया जाए। इसके लिए फिल्टर बेड को धोने के नाम पर जो वॉटर वेस्ट हो रहा है, उसे रिसाइकिल कर पुन: उपयोग में लाया जाए। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, ईई संजय शर्मा, सहायक अभियंता बृजेश श्रीवास्तव, अर्पित बंजारे, बसंत साहू मौजूद थे। शिवनाथ नदी से आने वाले पानी से लेकर डिस्ट्रीब्यूशन वाटर के सैंपल तक की प्रक्रिया की जानकारी निगम आयुक्त ने ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों जैसे क्लोरीन, ब्लीचिंग एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। वाटर टेस्टिंग लैब में पहुंचकर संधारित पंजियों का तिथि अनुसार अवलोकन किया। आयुक्त ने प्रतिदिन पानी टंकी और अंतिम छोर के जल स्रोत से लिए जाने वाले सैंपल के पानी टेस्टिंग की रिकॉर्ड व्यवस्थित करने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त 66 एमएलडी के लैब पहुंचे, जहां केमिस्ट से जल की शुद्धता से संबंधित किए जाने वाले संपूर्ण कार्य की जानकारी ली।
सामने खड़े होकर कराई पानी की जांच टर्बिडिटी 0.1 और पीएच मान 7.5 मिला
पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पिछले दिनों आयुक्त ने रोजाना सैंपलिंग के आदेश दिए थे। इसके चलते निरीक्षण के दौरान आयुक्त सर्वे फिल्टर प्लांट की लैब में पहुंचे। यहां उन्होंने पानी में पाए जाने वाले तत्वों और टर्बिडिटी की जांच अपनी उपस्थिति में कराई। हालांकि सैंपलिंग में उन्हें टर्बिडिटी 0.1 मिली और पानी में पीएच मान 7.5 मिला। लेकिन इस दौरान उन्होंने जल की शुद्धता के लिए किए जाने वाले जांच से संबंधित पंजी को अपडेट रखने के भी निर्देश दिए।
इलेक्ट्रिॉनिक पैनलों के बारे में भी ली जानकारी
जलशोधन संयंत्र में साफ सफाई बनाए रखने और मोटर पंप, इलेक्ट्रानिक पैनल्स आदि उपकरण की समय-समय जांच व संधारण संबंधी जानकारी ली। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के नागरिकों को शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा सके। सर्वे ने बैकअप के लिए रखे मोटर पंप की भी जानकारी ली।
टाउनशिप में एक बार फिर गंदे पानी की आपूर्ति
टाउनशिप में एक बार फिर गंदे पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। 11 अक्टूबर को पूर्व के ठेके की अवधि समाप्त हो गई। नए टेंडर में जिस कंपनी को ठेका मिला हुआ है, उसने अपना काम शुरू नहीं किया है। लिहाजा वर्तमान में टाउनशिप में बिना अतिरिक्त कैमिकल डोजिंग के ही पानी की सप्लाई हो रही है। प्रबंधन ने एक बार फिर जल संसाधन विभाग से खरखरा से पानी की मांग की है।
ढाई करोड़ का रिसाइकिल प्लांट, उपयोग अब तक नहीं
निगम ने करीब ढाई करोड़ रुपए खर्च कर 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट के करीब रिसाइकिलिंग प्लांट तैयार किया है। फिल्टर बेड को धोने व अन्य जगहों से आने वाले वेस्ट वॉटर को पुन: फिल्टर करने का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते हर दिन 25 लाख लीटर से ज्यादा पानी रोजाना व्यर्थ बहाया जा रहा है। इससे सहेजने व उपयोग में लाने के लिए यह प्लांट तैयार किया गया है।

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