मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर साल की तरह इस बार भी दशहरे की पूजा करने पाटन स्थित अपने गांव कुरुदडीह पहुंचे। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि हर साल वे दशहरे पर अपने पैतृक घर में पूजा करते हैं। गांव पहुंचकर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत की। वहीं पुराने मित्रों के साथ मुलाकात कर बचपन की यादें भी ताजा की। हेलीकॉप्टर से पहुंचे सीएम का विमान देखकर बुजुर्गों और बच्चों में कौतूहल मच गया।
अपने पैतृक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोगों से सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने गोधन योजना के बारे में जानकारी ली तो एक ग्रामीण ने बताया कि वो रोजाना 80 रुपए का गोबर बेच लेते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आखिरकार गोधन योजना से लोगों को अतिरिक्त आय होने लगी। उन्होंने कहा कि भूमिहीन किसानों के लिए भी सरकार ने योजना बनाई है। ग्रामीणों से उन्होंने इसके लिए आवेदन करने की भी अपील की। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से कहा कि वे बाड़ी में केला, आम और नींबू जरुर लगाएं। उन्होंने कहा कि आंगन में फलदार पेड़ सुंदर लगते हैं। इससे बच्चों को पोषण भी मिलता है। सीएम ने कहा कि उपज का अच्छा दाम मिले, इसके लिए उन्होंने काम किया है। मुख्यमंत्री के बचपन के मित्र नारायण ने उनसे चश्मा कब से लगने पर सवाल किया। वहीं सीएम ने ग्रामीणों से कहा कि वे हर समय उनके साथ खड़े हैं। इस पर गांव की महिलाओं ने कहा कि आप हमारे साथ हैं, तो किस बात की चिंता। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, पुलिस अधीक्षक बद्री नारायण मीणा, सीईओ सच्चिदानंद आलोक मौजूद थे।
गांव में बिताए पुराने दिनों को याद किया, दोस्तों से मिले
दशहरा के मौके पर कुरूदडीह पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बचपन के दोस्त नारायण निषाद से मुलाकात की। अपने बचपन के दोस्त की हेलीकॉप्टर दिखाने की बात अभी तक उन्हें याद थी। दोस्त नारायण निषाद ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा था कि जब भी गांव आना तो मुझे हेलीकॉप्टर जरूर दिखाना। इस बार कुरूदडीह पहुंचे सीएम ने नारायण निषाद से शुक्रवार को कहा कि आज वे हेलीकॉप्टर से आए है, मेरे साथ रायपुर चलो। फिर साथ में ले भी गए।

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