दुर्ग। दीपावली पर्व के दौरान पटाखों की बिक्री और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुर्ग जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पटाखा दुकानों में आगजनी की घटनाओं को रोकने और भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 3 नवंबर को दुर्ग कलेक्ट्रेट सभागार में पटाखा व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने व्यापारियों को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर शोभराज अग्रवाल, एसडीएम दुर्ग प्रफुल्ल गुप्ता, सीएसपी दुर्ग देवांश सिंह राठौर, एसडीआरएफ के अधिकारी, नगर निगम के बाजार प्रबंधन अधिकारी, थाना प्रभारी दुर्ग सहित पटाखा व्यापारी मौजूद रहे।
हर दुकान में अग्निशमन यंत्र रखना होगा अनिवार्य
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पटाखा दुकान में रेत से भरी बाल्टी, पानी और फायर एक्सटिंग्विशर उपलब्ध होना चाहिए। दुकानों के आसपास किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग या भंडारण नहीं किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक दुकान एवं परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड तैनात करने को कहा गया है।
छह दुकानों के बीच छोड़नी होगी खाली जगह
प्रशासन ने दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। प्रत्येक छह दुकानों के बीच खाली स्थान रखना अनिवार्य होगा, ताकि आगजनी जैसी आपातकालीन स्थिति में दमकल और राहत-बचाव दल को कार्रवाई करने में परेशानी न हो। इसके अलावा आम नागरिकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था और पुलिस कंट्रोल रूम के लिए पृथक टेंट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में माइक उद्घोषणा और सीसीटीवी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
बिना लाइसेंस पटाखा बेचने की अनुमति नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध लाइसेंसधारी व्यापारी ही पटाखों की बिक्री कर सकेंगे। सभी व्यापारियों को अपना लाइसेंस दुकान के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि पटाखों की बिक्री और भंडारण के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
JRD स्कूल मैदान का किया संयुक्त निरीक्षण
बैठक के बाद जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और पटाखा व्यापारियों ने जे.आर.डी. स्कूल मैदान का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों के सुरक्षित संचालन, अग्नि सुरक्षा, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए।
दुर्ग पुलिस एवं जिला प्रशासन ने पटाखा व्यापारियों और आम नागरिकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

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