धान खरीदी के बाद वजन में कमी से शेष दिख रही मात्रा, परिवहन कार्य तेजी से जारी
त्वरित खबरें (अरुण रेपोर्टिंग )

बालोद, जिले में विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। उप आयुक्त सहकारिता श्री राजेन्द्र राठिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 1 लाख 48 हजार 293 किसानों से 7 लाख 4 हजार 163.40 मेट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। शासन के निर्देशानुसार खरीदी किए गए धान का परिवहन भी पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि धान के उठाव के बाद प्राकृतिक कारणों से धान में सूखत आने के कारण वजन में कमी दर्ज हुई है, जिसके चलते वर्तमान में लगभग 5147.28 मेट्रिक टन धान शेष दर्शित हो रहा है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए पुनः डीओ जारी किया गया है ताकि शेष दर्शित मात्रा का समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

उप आयुक्त सहकारिता ने स्पष्ट किया कि उपार्जन केन्द्रों में धान की बोरी की किसी प्रकार की कमी या शॉर्टेज नहीं है। उन्होंने कहा कि धान परिवहन के बाद जो अंतर दिखाई दे रहा है, वह केवल वजन में कमी के कारण है, जो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि समितियों में उपार्जन पश्चात सीपेज धान की साफ-सफाई का कार्य लगातार जारी है। इसके लिए प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में मार्कफेड द्वारा 500 बोरी तक सीपेज बारदाना उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि सीपेज धान को व्यवस्थित रूप से पैक कर उसका परिवहन किया जा सके।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं सहकारिता विभाग द्वारा धान खरीदी और परिवहन कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शासन की प्राथमिकता है कि खरीदी से लेकर परिवहन तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित हो। इसी उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्रों में सभी रिकॉर्ड का सावधानीपूर्वक संधारण किया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

उप आयुक्त सहकारिता ने यह भी कहा कि जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के पीछे किसानों, समितियों, मार्कफेड तथा प्रशासनिक अधिकारियों का समन्वित प्रयास रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रमपूर्ण जानकारी पर ध्यान न दें और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित समिति या विभागीय अधिकारियों से संपर्क करें। प्रशासन द्वारा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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