देवर भाभी  ने मिलकर चरस का बनाया गैंग :पति की मौत के बाद खुद संभाला कारोबार, नेपाल से भोपाल के रास्ते मंबई में होती थी सप्लाई, 5 करोड़ से अधिक का चरस जब्त
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 14 जुलाई 2022

 मध्यप्रदेश . नेपाल से भोपाल के रास्ते मुंबई में चरस का खेप ले जाया रहा था, जिसे भोपाल क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है. पुलिस ने चरस की तस्करी करते देवर भाभी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें नेपाली तस्कर, भोपाली दलाल और मुंबई का ग्राहक शामिल है. उनके पास से 9.930 किग्रा चरस जब्त किया है. जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रूपये से अधिक आंकी गई है. आरोपी सस्ते दामों पर चरस नेपाल से मंगाते थे और मुंबई में सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाते थे. पुलिस नेपाली सप्लायर की भी तलाश कर रही है.

जानकारी के मुताबिक देवर-भाभी के चरस गिरोह को क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा है. पति के मरने के बाद देवर के साथ महिला ने चरस गिरोह बनाया था. यह गिरोह मुम्बई में कई किलो चरस सप्लाई कर चुकी है. आरोपी सस्ते दामों पर चरस नेपाल से मंगाते थे और मुम्बई में सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाते थे. चरस सप्लायर के दलाल को भी चरस के साथ गिरफ्तार किया गया है.

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दरअसल क्राइम ब्रांच पुलिस भोपाल को सूचना मिली थी कि सवारी आटो में एक महिला और एक पुरुष बैठे है. जिनके पास चरस रखी है, जो सवारी आटो में बैठकर शाहजहानाबाद की ओर से हबीबगंज (कमलापति) रेल्वे स्टेशन की तरफ जाएंगे. पुलिस ने प्लानिंग के तहत शाहिद (44 वर्ष) और जुलेखा (48 वर्ष) को पकड़ा. शाहिद और जुलेखा भाभी देवर हैं. उनके पास से बैग में चादर के नीचे तीन पैकेट ब्राउन रंग के टेप से लिपटे हुए पारदर्शी पन्नी में थे.

जुलेखा के कब्जे से 1.480 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ चरस जब्त किया गया. आरोपी वाहिद के पास से 1.485 किलोग्राम मादक पदार्थ चरस जब्त किया गया. दोनों आरोपियों से कुल 2.965 कि.ग्रा मादक पदार्थ चरस जब्त हुआ है. आरोपी बबलू उर्फ शाहिद के कब्जे से मादक पदार्थ चरस 265 ग्राम जब्त किया गया और आरोपी बबलू उर्फ शाहिद के बताए अनुसार आरोपी वीर बहादुर गिरी के कब्जे से 6.700 कि.ग्रा अबैध मदाक पदार्थ जब्त किया गया. इस तरह चारों के पास से पुलिस नें कुल 9.930 किग्रा चरस बरामद किया है.

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मूलतः कानपुर उप्र और नेपाल के है, जो पहले से ही एक दूसरे को जानते थे. आरोपी महिला का पति चरस की तस्करी करता था. जिसके साथ महिला ने काम शुरू किया था. पति की मौत के बाद मुम्बई में रह कर देवर के साथ चरस गिरोह तैयार किया. चरस तस्करी का दलाल शाहिद उर्फ बबलू भोपाल में रहकर नेपाल से आने वाली चरस को मुम्बई गिरहो के माध्यम से मुम्बई तक पहुंचाता था. नेपाल से सस्ते दामों में खरीदकर मुम्बई में लाखों रूपयों का मुनाफा कमाते थे. चरस तस्करी का यह काम काफी समय से चल रहा था. नेपाली तस्कर से चरस बबलू उर्फ शाहिद के माध्यम से पहुंचती थी. नेपाली तस्कर को वीर बहादुर गिरी द्वारा बबलू को कभी कानपुर तो कभी भोपाल आकर चरस की सप्लाई करता था.

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