देश को जल्द मिलेगा नया संसद भवन, जानिए कैसा होगा पार्लियामेंट और क्या होंगी सुविधाएं ?
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14 जुलाई 2022

नई दिल्ली. भारत का नया संसद भवन आकार लेने लगा है. जल्द ही सांसदों को अपने संसदीय कार्यों के लिए नई जगह मिलने वाली है. 1200 करोड़ रुपए में बन रहे नए संसद भवन का निर्माण इस साल के अंत या 2023 की शुरूआत में पूरा होने की उम्मीद है. वहीं नवंबर-दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र नए संसद भवन में ही होगा, ऐसी उम्मीद भी जताई गई है.

नए भवन में विधायिका के लिए बड़े कक्ष होंगे और लोकसभा में 888 सदस्यों के लिए सीटें होंगी. वहीं दूसरी ओर राज्यसभा में 326 सीटें होंगी. संयुक्त सत्र के दौरान 1224 सदस्य साथ में बैठ सकेंगे. लोकसभा सांसदों की बैठने की सुविधा के साथ 888 सीटों के साथ 3 गुना बड़ी होगी. यह राष्ट्रीय पक्षी मयूर, थीम पर आधारित है. वहीं एक बड़े राज्य सभा हॉल की क्षमता 384 सीटों तक होगी यह राष्ट्रीय फूल कमल, थीम पर आधारित है.

नए संसद भवन में अत्याधुनिक संवैधानिक हॉल, अत्यंत -आधुनिक कार्यालय स्थल, बड़े समिति कक्ष, एक बड़ी और बेहतर लाइब्रेरी होगी. नया संसद भवन आधुनिक भारत की जीवंतता और विविधता को परिलक्षित करेगा, जिससे हमारी सांस्कृतिक और क्षेत्रीय कला और शिल्प शामिल होंगे. इसके साथ ही भवन दिव्यांगों के अनुकूल (अशक्तता के ग्रस्त लोगों के लिए सुलभ) होगा. अशक्तता के ग्रस्त लोग बिना रोक-टोक और बिना मदद के सैर करने में सक्षम होंगे. नए भवन में सांसदों के लिए डिजिटल सुविधाएं भी होंगी. नए सदन में सांसदों के बैठने की व्यवस्था मौजूदा व्यवस्था से हटकर ज्यादा खुली और आरामदेह होगी. वहीं एक टेबल पर दो सासंद बैठे सकेंगे. सभी मंत्रियों के एक ही जगह पर बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे उनके आने जाने में लगने वाले वक्त की बचत हो सके.

संसद भवन की छत पर एक गुंबद है. नई बन रही इमारत की छत पर 6.5 मीटर ऊंचा राष्ट्रीय प्रतीक ‘अशोक स्तंभ’ स्थापित किया गया है. यह ब्रॉन्ज से बना 6.5 मीटर लंबा, 9500 किलो वजनी, 6500 किलो का सपोटिर्ंग स्ट्रक्चर है. दरअसल सेंट्रल विस्टा रीडिवलेपमेंट प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन सहित एक साझा केंद्रीय सचिवालय, विजय चौक से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ का कायाकल्प, नया प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय और उपराष्ट्रपति आवास बनाया जा रहा है.

बता दें कि 1921 से 1927 के बीच पुराने संसद भवन का निर्माण हुआ था. नया संसद भवन बनने के बाद पुराने संसद भवन को संग्रहालय में तब्दील कर दिया जाएगा.

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