आज दोपहर सोशल मीडिया में एक सूची वायरल होती दिखाई दी जिसके नीचे एक संदेश भी लिखा हुआ है। आपको बता दें की उक्त सूची में डोंगरगढ़ शहर में कोविड़ से मृत हुए लोगों के नाम है। जिन्हें अपना आवेदन 50 हजार मुआवजा हेतु तहसील कार्यालय में जमा करने को मैसेज द्वारा कहा गया है। आपको बता दें कि इस सूची में डोंगरगढ़ के बुधवारी पारा जो कि दूसरी लहर में कोरोना का केंद्र रहा और ना जाने कितनों ने अपने प्राण गवाएं, परंतु इस सूची में बुधवारी पारा सब्जी मंडी से एक भी नाम नहीं है। सूत्र इस सूची को सर्टिफाइड सूची बता रहे हैं ऐसे में प्रशासनिक अमला बाकी कोरोना मृतकों के अंत्येष्टि में क्या मूकदर्शक बनने आया था? क्या कोरोना से भी मृत्यु अब दो तरह से होने लगी है सर्टिफाइड अनसर्टिफाइड? इस सूची के सामने आने से जहां लोगों के मन में कई सवाल खड़े हुए हैं तो वही कई परिवार ऐसे हैं जिनके घर से कोरोना ने कई लोगों का साया छीन लिया है। वहीं शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस तरह के कृत्य से शहर में अब इस मुआवजा राशि को लेकर भी संशय खड़ा होता दिखाई दे रहा है कि क्या गिने-चुने लोगों को ही या मुआवजा राशि देकर तुष्टीकरण करने की कोशिश तो नहीं की जाएगी।
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