छत्तीसगढ़ में EPFO के नए कार्यालय खोलने की मांग तेज, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को सौंपा ज्ञापन
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छ.मु.मो.) एवं छत्तीसगढ़ माइन्स श्रमिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालयों के विस्तार की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ राज्य का नक्शा एवं विस्तृत आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के सचिव बसंत साहु ने बताया कि 31 जुलाई 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक जनकलाल ठाकुर, नम्मु यादव, प्रेमनारायण वर्मा, भगोली वर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।

बसंत साहु ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में EPFO का केवल एक क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर और एक जिला कार्यालय बिलासपुर में संचालित है। ये कार्यालय लगभग 37,700 प्रतिष्ठानों, 28 लाख सदस्यों, 8 लाख से अधिक सक्रिय सदस्यों तथा 1.20 लाख से अधिक पेंशनरों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद पूरे राज्य के लिए यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हो रही है।

उन्होंने बताया कि EPFO के नए क्षेत्रीय कार्यालय खोलने के लिए निर्धारित 7.50 लाख सक्रिय सदस्यों का मानदंड छत्तीसगढ़ पहले ही पार कर चुका है, लेकिन अब तक अतिरिक्त कार्यालय स्थापित नहीं किए गए हैं। वहीं, बिलासपुर जिला कार्यालय में केवल सीमित अनुपालन संबंधी कार्य होते हैं और हितग्राहियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है।

ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य के कई आदिवासी एवं दूरस्थ जिलों से रायपुर की दूरी 400 से 450 किलोमीटर तक है। कई क्षेत्रों में रेल और नियमित बस जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं, जिससे भविष्य निधि से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे समय और आर्थिक संसाधनों की अनावश्यक हानि होती है।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने मांग की है कि राज्य में कम से कम दो नए क्षेत्रीय कार्यालय तथा चार नए जिला कार्यालय स्थापित किए जाएं। प्रस्तावित स्थानों में बिलासपुर और राजनांदगांव को क्षेत्रीय कार्यालय, जबकि जगदलपुर, अंबिकापुर, राजनांदगांव सहित अन्य स्थानों पर जिला कार्यालय खोलने का सुझाव दिया गया है।

संगठन का कहना है कि यदि राजनांदगांव में EPFO कार्यालय स्थापित होता है, तो राजनांदगांव के साथ-साथ दुर्ग, बालोद, मोहला-मानपुर-चौकी और खैरागढ़ जिलों के लाखों कर्मचारियों, पेंशनरों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी उद्देश्य से ज्ञापन में राजनांदगांव में उपयुक्त स्थान चयन कर कार्यालय शीघ्र प्रारंभ करने की मांग भी की गई है।

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