बिना प्रोटोकॉल मां बमलेश्वरी के दरबार पहुंचे कलेक्टर जितेंद्र यादव, श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
राहुल ओझा ब्यूरो प्रमुख-राजनांदगांव

बिना प्रोटोकॉल मां बमलेश्वरी के दरबार पहुंचे कलेक्टर जितेंद्र यादव, श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

डोंगरगढ़। जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सादगी और सहजता की मिसाल पेश करते हुए बिना किसी प्रोटोकॉल के धर्मनगरी डोंगरगढ़ स्थित मां बमलेश्वरी मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना के लिए माता रानी से प्रार्थना की।

कलेक्टर श्री यादव ने सामान्य श्रद्धालु की तरह सीढ़ियों के रास्ते ऊपर मंदिर पहुंचकर मां बमलेश्वरी के दर्शन किए। दर्शन के पश्चात वे श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ ही सीढ़ियों के मार्ग से वापस लौटे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं

कलेक्टर का बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के आम श्रद्धालुओं के बीच पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल की विशेष व्यवस्था रहती है, लेकिन श्री यादव ने सामान्य श्रद्धालुओं की तरह मंदिर पहुंचकर दर्शन किए और व्यवस्थाओं को करीब से समझने का प्रयास किया।

मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अधिकारियों को जमीनी स्तर पर श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति समझने का अवसर मिलता है।

पहले भी सीढ़ियों से पहुंचकर ले चुके हैं जायजा

स्थानीय जानकारों के अनुसार, कलेक्टर जितेंद्र यादव का इस तरह बिना प्रोटोकॉल श्रद्धालुओं के साथ सीढ़ियों से मंदिर आना-जाना विशेष चर्चा का विषय है। हालांकि, इसे पहली घटना बताने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री यादव पूर्व में भी कई बार सीढ़ियों के रास्ते मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं।

उनकी यह सहज कार्यशैली प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ आम जनता के बीच पहुंचकर व्यवस्थाओं को समझने की पहल के रूप में देखी जा रही है। मां बमलेश्वरी के दरबार में दर्शन के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का निरीक्षण करना यह संदेश देता है कि धार्मिक स्थलों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जमीनी निरीक्षण महत्वपूर्ण है।

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