भारत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार भी इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में भारतीय रेल ने हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन विकसित करने की महत्वाकांक्षी पहल की है। यह परियोजना न केवल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का प्रतीक है, बल्कि देश को कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वदेशी एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
यह बातें भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री ऋषिदेव चौधरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहीं। उन्होंने बताया कि भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का पायलट संचालन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच लगभग 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर प्रस्तावित परीक्षण के तहत किया जा रहा है। इस मार्ग का चयन नई तकनीक की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से किया गया है।
ऋषिदेव चौधरी ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन में डीज़ल इंजन के स्थान पर हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया से बिजली उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। इस प्रक्रिया में केवल जलवाष्प और ऊष्मा का उत्सर्जन होता है, इसलिए इसे लगभग प्रदूषण-मुक्त तकनीक माना जाता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और प्रकृति के प्रति संवेदनशील सोच का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे का उद्देश्य भविष्य में विरासत (हेरिटेज) और गैर-विद्युतीकृत रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन करना है। इससे डीज़ल पर निर्भरता कम होगी, ईंधन आयात पर होने वाला खर्च घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन तथा वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप है।
ऋषिदेव चौधरी ने कहा कि इस तकनीक के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। हाइड्रोजन का उत्पादन, सुरक्षित भंडारण, परिवहन, रिफ्यूलिंग स्टेशन की स्थापना तथा प्रारंभिक लागत अपेक्षाकृत अधिक है। हालांकि, तकनीकी प्रगति और बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ इन चुनौतियों को धीरे-धीरे कम किया जा सकेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि यह परियोजना सफल होती है तो भारत एशिया में स्वच्छ और हरित रेल परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल होगा। उनके अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई तकनीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में भारत की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है।

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