अघोषित ट्रेचिंग ग्राउंड में कचरा किया जा रहा डंप, सेग्रिगेशन के लिए केंद्रों का कोई उपयोग नहीं
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जामुल बोगदा के करीब स्थित कुरुद के अघोषित ट्रेंचिंग ग्राउंड में बिना सेग्रिगेशन कचरा फेंकने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी है। सफाई का ठेका लेने वाली कंपनी, निगम के अधिकारी इसे अंजाम दे रहे हैं। यहां कचरा डंप करने वाले हर डंपर का रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है। ठेका कंपनी का एक कर्मचारी रोज पुराने ट्रेंचिंग ग्राउंड में उपस्थिति होकर आने-जाने वाले हर डंपर की रजिस्टर में इंट्री कर रहा है।

रजिस्टर की प्रति भास्कर के पास उपलब्ध है। जिसमें भिलाई निगम के चारों जोन से रोज 14 डंपर सहित अन्य नए वाहनों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज है। इस रजिस्टर में डंपर का नंबर, चालक का नाम, आने-जाने का समय भी लिखा जा रहा है। वहीं कचरे की बदबू से आसपास के लोग परेशान हो रहे हैं।

बायो-डाइजेस्टर: हरे कचरे से बायो गैस बनाने के लिए 10 लाख की लागत से बायो-डाइजेस्टर लगाया गया था। जहां-जहां इन्हें रखा गया, सभी शो-पीस बने हैं। सब्जी मंडी के टैंक से पाइप तक गायब हो गई है।

उल्लंघन : नियम तोड़कर जामुल बोगदा के करीब फेंका जा रहा शहर का कचरा

जानिए रजिस्टर में दर्ज वाहन का
वाहन नंबर चालक प्रकार जोन चक्कर

5832 राघवेंद्र टीपर 01 05
7198 शम्शेर टीपर 02 05
6045 बलदाऊ टीपर 03 04
4166 रविंदर टीपर 04 03
6588 जितेंद्र टीपर 04 03
7610 कश्मीरा टीपर 01 04
6833 रज्जु टीपर 02 05
0697 बल्देव टीपर 03 03
0748 प्रशांत कम्पेटर 04 02
6384 चेतन ट्रैक्टर 02 02
ओल्ड ललित ट्रैक्टर 02 02
ओल्ड आकाश ट्रैक्टर 04 02
0745 विरेंद्र कम्पेटर 01 02
नोट- वाहनों के नंबर इसी तरह से दर्ज हैं।

सीएंडडी यूनिट भवन से निकलने वाले मलबे से गिट्टी बनाने के लिए यूनिट शुरू किया गया है। इसका प्लांट जीई रोड पर संचालित मेटाडोर स्टैंड परिसर में है। आज वहां गेट पर केवल सीएंडडी यूनिट का नाम है। अंदर एक भी मशीन नहीं है।

एसएलआरएम सेंटर ; गीले और सूखे कचरे की छंटाई के लिए चारों वार्डों में एसएलआरएम सेंटर बनाए गए हैं। पर सेंटर के अंदर और बाहर सेग्रिगेशन का कार्य जानवर कर रहे हैं।

निरीक्षण की है तैयारी
इसे लेकर निरीक्षण करेंगे। हमारी जानकारी में बातें आ गई हैं। कार्रवाई करेंगे।
अनिता सावंत, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी दुर्ग

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