अंडा 09 मई 2022
शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में कला व संस्कृति के संर्वधन और विलुप्त हो रहे छत्तीसगढ़ी गीतों को पहचान दिलाने छत्तीसगढ़ी भूले बिसरे गीत \"सोनहा सुरता\" का आयोजन किया गया। हिमकल्याणी सिन्हा, राजगीत स्मृति झा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। योजक डॉ. शिवनारायण देवांगन \"आस\" ने कहा कि भूले बिसरे गीत का संर्वधन करने के उद्देश्य को लेकर सोनहा सुरता का आयोजन किया जा रहा है।
कौशलेन्द्र पटेल, बोधीराम साहू, महेत्तर लाल देवांगन, विनोद कुमार सिंह व घनश्याम प्रसाद श्रीवास, जिलाध्यक्ष सक्ती डाॅ. राघवेन्द्र राठौड़ ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में लोक गायक सूरज श्रीवास,कविता अकांत, प्रतिभा त्रिपाठी, मोहित कुमार शर्मा, दिनेश दुबे, उषा भट्ट, पवनरेखा कौशल, रामकुमारी देवांगन, रूपेश कुमार चौहान, कांति यादव, रामलाल कोसले, लेखिन साहू, विनोद कुमार सिंह, घनश्याम प्रसाद श्रीवास,प्रमोद आदित्य, देवेन्द्र कुमार बंछोर, सविता जायसवाल, सीमा पाण्डेय ने पुराने गीतों की प्रस्तुति दी।
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