छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी प्रशासन का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इसी कड़ी में विकासखंड मानपुर के अंतर्गत ग्राम साल्हेभट्टी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम सेण्डेवाही के आदिवासी किसानरैनु राम, जो वर्षों से अपनी भूमि के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज़ के अभाव में कई प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहे थे, उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत उन्हें भूमि का पट्टा पत्रक प्रदान किया गया। पट्टा मिलने के बाद रैनु राम के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उन्हें अपनी जमीन का कानूनी अधिकार मिल गया है, जिससे वे न केवल निश्चिंत होकर खेती कर सकेंगे बल्कि भविष्य में शासकीय योजनाओं का भी पूरा लाभ उठा पाएंगे।
उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा सुशासन तिहार हमारे जैसे ग्रामीण और आदिवासी किसानों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं हैं। पहले हमें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब अधिकारी स्वयं गांव में आकर हमारी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इससे हमें समय, श्रम और धन—तीनों की बचत हो रही है। सुशासन तिहार 2026 वास्तव में शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक है, जो आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल ने प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया है, और यह विश्वास ही एक सशक्त एवं विकसित समाज की नींव है।

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