6 साल बाद लौटी बेटे की आवाज: कोरोना काल में लापता युवक का आया फोन, परिवार में जगी उम्मीद
त्वरित खबरें(अरुण रिपोर्टिंग )

कोरोना महामारी के दौरान अचानक लापता हुआ एक बेटा आखिरकार छह साल बाद अपने परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया। जिस बेटे को परिवार ने लगभग खो चुका मान लिया था, उसकी एक फोन कॉल ने पूरे घर की जिंदगी बदल दी। यह भावुक कर देने वाली घटना उस परिवार की है, जिसने कोरोना काल की अफरा-तफरी में अपने बेटे को खो दिया था और वर्षों तक उसकी कोई खबर नहीं मिली। परिवार ने उसे हर जगह तलाशा, रिश्तेदारों से संपर्क किया, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें टूटती चली गईं। कोरोना महामारी के समय अस्पतालों, क्वारंटीन सेंटरों और लॉकडाउन की अव्यवस्था के बीच युवक अचानक लापता हो गया था। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह कहां चला गया। माता-पिता हर दिन उसकी वापसी की राह देखते रहे। कई बार ऐसी सूचनाएं भी मिलीं जिनसे उम्मीद जगी, लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी। धीरे-धीरे परिवार ने यह मान लिया था कि शायद अब उनका बेटा कभी वापस नहीं आएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हाल ही में परिवार के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। जब फोन उठाया गया तो दूसरी तरफ से आई आवाज सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया। वह आवाज उनके उसी बेटे की थी, जो छह साल पहले गायब हो गया था। बेटे ने बताया कि कोरोना काल के दौरान मानसिक तनाव और परिस्थितियों के कारण वह घर से दूर चला गया था। कई वर्षों तक वह अलग-अलग शहरों में मजदूरी और छोटे-मोटे काम करता रहा। इस दौरान उसके पास परिवार से संपर्क करने का कोई साधन नहीं था और धीरे-धीरे उसने खुद को दुनिया से अलग कर लिया था। बेटे की आवाज सुनते ही मां की आंखों से आंसू बहने लगे और परिवार के बाकी सदस्य भी भावुक हो उठे। जिस बेटे के लौटने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, उसके जिंदा होने की खबर ने पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ा दी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को जब इस बात की जानकारी मिली तो हर कोई इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहा। परिवार अब बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि युवक जल्द ही अपने घर वापस आएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उम्मीद कभी खत्म नहीं करनी चाहिए। कोरोना काल ने जहां कई परिवारों को बिछड़ने का दर्द दिया, वहीं यह कहानी उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है, जो वर्षों से अपने अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। छह साल बाद आई इस एक कॉल ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां लौटा दीं, बल्कि यह एहसास भी दिलाया कि रिश्तों की डोर कितनी मजबूत होती है

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