धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पिछले दो दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के चलते जिले के सभी बड़े जलाशय लगभग भर चुके हैं। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और नदी-नालों की लगातार निगरानी की जा रही है। लेकिन इसी बीच गंगरेल डैम से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
जिले के सबसे बड़े गंगरेल जलाशय यानी रविशंकर सागर 97.40 प्रतिशत भर चुका है। इसके अलावा मुरुमसिल्ली 98.61 प्रतिशत, दुधावा 86.86 प्रतिशत और सोंढूर 69.25 प्रतिशत तक भर गया है। लगातार पानी की आवक को देखते हुए गंगरेल डैम के तीन गेट खोल दिए गए हैं|
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, डैम से कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें से 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के जरिए नहर में भेजा जा रहा है, जबकि 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में छोड़ा जा रहा है। इससे महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।प्रशासन ने महानदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों से नदी के पास न जाने की अपील की है।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जहां से हजारों क्यूसेक पानी तेज रफ्तार से छोड़ा जा रहा है, ठीक उसी मुहाने पर कुछ लोग जान जोखिम में डालकर मछली पकड़ते नजर आ रहे हैं। तेज बहाव में जाल फेंका जा रहा है। यहां तक कि छोटे-छोटे बच्चे भी डैम के किनारे बेखौफ घूम रहे हैं।
मौके पर न तो कोई बैरिकेडिंग है, न सिक्योरिटी गार्ड और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। ऐसे में अगर पैर फिसला तो सीधे तेज बहाव में बहने का खतरा है। स्थानीय लोग भी इस लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं।फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।